नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस योजना को हरी झंडी दी गई। योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹2,500 की आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार 1 अगस्त को योजना का पोर्टल लॉन्च करेगी, जबकि आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद रक्षाबंधन के अवसर पर पहली किस्त लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से जरूरतमंद महिलाओं को वित्तीय सहायता देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि पोर्टल शुरू होने के बाद आवेदन स्वीकार किए जाएंगे और पात्रता की जांच पूरी होने पर लाभार्थियों के खातों में राशि सीधे ट्रांसफर की जाएगी।
ये होंगे योजना के लिए पात्रता नियम
सरकार के प्रस्तावित दिशा-निर्देशों के अनुसार, आवेदन करने वाली महिला को स्वयं घोषणा पत्र देना होगा कि वह कम से कम 10 वर्षों से दिल्ली की निवासी है और उसके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। पात्रता की जांच के बाद योग्य महिलाओं को योजना का लाभ दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और डिजिटल माध्यम से संचालित होगी।
कांवड़ समितियों की अनुदान राशि भी बढ़ी
कैबिनेट बैठक में कांवड़ यात्रा-2026 को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया। सरकार ने श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और शिविरों के संचालन पर बढ़ते खर्च को देखते हुए कांवड़ समितियों की अनुदान राशि बढ़ाने को मंजूरी दी है। 20,000 वर्गफुट से अधिक क्षेत्र में 6 से 12 दिन तक संचालित होने वाले बड़े कांवड़ शिविरों को अब अधिकतम ₹15 लाख तक की सहायता मिलेगी। अन्य श्रेणियों के शिविरों की अनुदान राशि में भी बढ़ोतरी की गई है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि कांवड़ समितियों को पहले की तरह 1,200 यूनिट तक मुफ्त बिजली की सुविधा मिलती रहेगी। इसके अलावा कांवड़ यात्रा के दौरान सफाई, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, मोबाइल शौचालय, निर्बाध बिजली आपूर्ति, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय के लिए सिंगल विंडो व्यवस्था भी जारी रहेगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का उद्देश्य श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, सुचारु और बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना है।