चंडीगढ़/हरियाणा: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को सभी जिला उपायुक्तों और नगर निगम आयुक्तों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में राजस्व विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति और उनके प्रभावी क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान कहा कि प्रदेश में तकनीकी आधारित पारदर्शी व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने की जरूरत है। इससे आम जनता के राजस्व संबंधी कार्य सरल, त्वरित और सुगमता से पूरे हो सकें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। सैनी ने कहा, “प्रदेश के मेरे परिवारजनों को आने वाली किसी भी समस्या का तुरंत समाधान हमारी प्राथमिकता है।”
48 घंटे में शिकायतों का निस्तारण अनिवार्य
राजस्व विभाग की योजनाओं में भूमि रजिस्ट्री, संपत्ति पंजीकरण, विवाद निपटान और विभिन्न कल्याणकारी स्कीमों का समावेश है। हाल के वर्षों में हरियाणा सरकार ने ‘डिजिटल हरियाणा’ विजन के तहत कई सुधार किए हैं, जिसमें भूमि रजिस्ट्री को ‘फेसलेस’ बनाना शामिल है। इससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगने के साथ-साथ प्रक्रिया तेज हुई है। मुख्यमंत्री ने पहले भी राजस्व विभाग की शिकायतों के निपटारे के लिए सिटीजन हेल्पडेस्क जैसी पहल शुरू की थी, जिसमें 48 घंटे के अंदर शिकायतों का समाधान अनिवार्य है।
देखी प्रगति रिपोर्ट
बैठक में उपायुक्तों और आयुक्तों ने विभिन्न जिलों में चल रही योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसमें ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सेवाओं को और बेहतर बनाने, पारदर्शिता बढ़ाने और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को मजबूत करने पर चर्चा हुई। सैनी ने जोर दिया कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में समान रूप से सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। यह बैठक हरियाणा सरकार की जनसेवा और सुशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य में राजस्व सेवाएं और अधिक नागरिक-अनुकूल बन रही हैं। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार की शिकायत या देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।