पठानकोट (पंजाब): हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज पंजाब के पठानकोट में श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती कार्यक्रम में भाग लिया। यह कार्यक्रम भारतीय जनता पार्टी (BJP) के तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसमें डॉ. मुखर्जी के राष्ट्रवादी विचारों, शिक्षा क्षेत्र में योगदान और अखंड भारत की अवधारणा को याद किया गया।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, भारतीय जनसंघ (BJP की पूर्ववर्ती पार्टी) के संस्थापक, एक महान विचारक, शिक्षाविद् और राष्ट्रभक्त थे। उनकी 125वीं जयंती के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री सैनी ने इस अवसर पर डॉ. मुखर्जी को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके बलिदान को याद किया, जिन्होंने जम्मू-कश्मीर में पूर्ण एकीकरण के लिए संघर्ष किया था।
जम्मू-कश्मीर से 370 हटाना था मुखर्जी का बड़ा सपना
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि डॉ. मुखर्जी के सपनों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में साकार किया जा रहा है। अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद जम्मू-कश्मीर अब विकास की राह पर है। हरियाणा सरकार भी मुख्यमंत्री सैनी के नेतृत्व में डॉ. मुखर्जी के आदर्शों- राष्ट्र प्रथम, शिक्षा और समान विकास- पर चल रही है। राज्य में महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और युवा रोजगार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
हजारों लोग हुए शामिल
पठानकोट कार्यक्रम में स्थानीय BJP कार्यकर्ताओं और जनता की भारी भीड़ उमड़ी। लाइव प्रसारण के माध्यम से हजारों लोगों ने इसे देखा। यह आयोजन ‘मिशन पंजाब’ की दिशा में BJP की सक्रियता को भी दर्शाता है, जहां 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी चल रही है। नायब सिंह सैनी, जो हरियाणा में BJP की मजबूत छवि के प्रतीक हैं, ने पंजाब दौरे के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा, “डॉ. मुखर्जी का बलिदान व्यर्थ नहीं गया। आज का भारत उनके सपनों की ओर बढ़ रहा है।” कार्यक्रम में सांस्कृतिक कार्यक्रम और विचार गोष्ठी का भी आयोजन हुआ।
भाजपा मना रही 125 वीं जयंती
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जन्म 6 जुलाई 1901 को हुआ था। वे नेहरू सरकार में मंत्री रह चुके थे, लेकिन कश्मीर नीति पर विरोध जताते हुए इस्तीफा दे दिया। उनकी याद में केंद्र सरकार 2025-2027 को उनकी 125वीं जयंती वर्ष के रूप में मना रही है।