नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर देशभर के डॉक्टरों को बधाई दी। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि समर्पित डॉक्टरों की कड़ी मेहनत, करुणा और प्रतिबद्धता ही भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं।
पीएम मोदी ने कहा, “डॉक्टरों के अथक प्रयास, अक्सर सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में, ने अनगिनत लोगों का भरोसा और आभार अर्जित किया है। महामारी से लेकर दूर-दराज के इलाकों तक, हर जगह डॉक्टरों ने जिस समर्पण से सेवा की है वह सराहनीय है।”
पिछले 10 साल में दोगुने हुए मेडिकल कॉलेज
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत ने अपने स्वास्थ्य तंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण प्रगति की है। इस दौरान देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या दोगुनी से भी अधिक हो गई है। इसी के साथ MBBS और PG की सीटों में भी भारी विस्तार हुआ है।
उन्होंने कहा, “यह अभूतपूर्व वृद्धि महत्वाकांक्षी डॉक्टरों के लिए अधिक अवसर पैदा कर रही है। इससे एक मजबूत स्वास्थ्य कार्यबल तैयार हो रहा है और यह सुनिश्चित हो रहा है कि गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा देखभाल देश के हर कोने तक पहुंचे।”
सरकार की कोशिश है कि ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में भी विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर हो। नए मेडिकल कॉलेज और बढ़ी हुई सीटें इसी दिशा में उठाया गया कदम है।
विकसित भारत में डॉक्टर निभाएंगे अहम भूमिका
पीएम मोदी ने कहा कि जब हम एक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में काम कर रहे हैं, तो हमारे डॉक्टरों की भूमिका और भी अहम हो जाती है।
उन्होंने कहा कि डॉक्टर निवारक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने, चिकित्सा अनुसंधान को आगे बढ़ाने, नए नवाचार अपनाने और सभी के लिए सस्ती, सुलभ स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे। आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में भी डॉक्टरों का योगदान सबसे बड़ा है।
पीएम मोदी ने अंत में सभी डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्य कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि उनका समर्पण ही स्वस्थ भारत की नींव है।