नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ट्रैफिक को आसान बनाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने NH-148AE पर 8.1 किलोमीटर लंबे 6-लेन टनल के निर्माण को मंजूरी दे दी है।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने इस प्रोजेक्ट को एनसीआर के लिए “सीमलेस मोबिलिटी और फ्यूचर-रेडी इंफ्रास्ट्रक्चर” की दिशा में अहम कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह टनल द्वारका एक्सप्रेसवे को नेल्सन मंडेला मार्ग, वसंत कुंज से सीधे जोड़ेगा। इसका निर्माण हाइब्रिड एन्युटी मॉडल HAM के तहत किया जाएगा।
जाम से मिलेगी बड़ी राहत
मनोहर लाल ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में रोजाना लाखों लोग सफर करते हैं। द्वारका, दक्षिण दिल्ली, नोएडा, फरीदाबाद, गाजियाबाद और पूर्वी दिल्ली को जोड़ने वाले रास्तों पर हर समय जाम रहता है। इस टनल के बनने से प्रमुख सड़कों पर दबाव कम होगा और लोगों को जाम से बड़ी राहत मिलेगी।
समय और ईंधन दोनों की बचत
उन्होंने बताया कि यह टनल न सिर्फ दूरी घटाएगा बल्कि यात्रा के समय में भी भारी कटौती करेगा। अभी द्वारका से वसंत कुंज और साउथ दिल्ली जाने में जो समय लगता है, वह टनल शुरू होने के बाद काफी कम हो जाएगा। इससे आम लोगों का रोजाना का आना-जाना सुरक्षित, तेज और किफायती बनेगा। साथ ही ईंधन की भी बचत होगी।
आर्थिक विकास को मिलेगी गति
केंद्रीय मंत्री के अनुसार यह प्रोजेक्ट एनसीआर के आर्थिक विकास को भी नई गति देगा। बेहतर कनेक्टिविटी से द्वारका, गुड़गांव और दक्षिण दिल्ली के बीच व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी। साथ ही एयरपोर्ट और प्रमुख कॉरिडोर तक पहुंच भी आसान हो जाएगी।
मनोहर लाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि HAM मॉडल के तहत यह टनल तय समय में बनकर तैयार होगा और एनसीआर के लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक एनसीआर में आवागमन पूरी तरह सुगम हो