रामपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को रामपुर में 690 करोड़ रुपये से अधिक लागत की विभिन्न जनहितकारी परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा।
“2017 से पहले विकास सिर्फ दो परिवारों का होता था”
सीएम योगी ने कहा, “2017 के पहले याद करिए यही प्रदेश था। पहचान का संकट था। ना बेटी सुरक्षित थी, ना व्यापारी सुरक्षित था। अन्नदाता किसान आत्महत्या करने के लिए मजबूर होता था। नौजवान के लिए कोई रोजगार नहीं था”।
उन्होंने आरोप लगाया, “कोई सरकारी विज्ञापन निकलता था तो चाचा-भतीजे की जोड़ी वसूली के लिए निकल पड़ती थी। न्यायालय को उस पर रोक लगानी पड़ती थी। सरकार की निरंकुश नीतियों के कारण हमारा परंपरागत उद्यम बंद हो रहा था। विकास दो लोगों का होता था। या तो सैफई परिवार का या रामपुर के एक परिवार का। बाकी लोग विकास से वंचित रहते थे”।
“पहले पर्व-त्योहार पर रोक, आज उत्सव का माहौल”
सीएम योगी ने कहा, “2017 के पहले ना होली, ना दीपावली, ना विजयादशमी, ना रामनवमी, ना जन्माष्टमी मनाने दिया जाता था। आज कावड़ यात्रा धूमधाम से निकलती है, कोई रोक-टोक नहीं। दुर्गा पूजा शानदार तरीके से होती है। जिस समाजवादी पार्टी ने श्री कृष्ण जन्मोत्सव के कार्यक्रम पर रोक लगाई थी, हमारी सरकार ने उस रोक को दूर किया”
सबसे बड़ा हमला राम के मुद्दे पर करते हुए CM ने कहा, “2017 के पहले जो जय श्रीराम बोलने पर लाठी मारते थे। जो राम लला हम आएंगे मंदिर वहीं बनाएंगे कहने वाले रामभक्तों पर गोली चलाते थे, आज वे आस्था की वकालत करते हुए दिखाई देते हैं”।
“ये आपकी आस्था की ताकत है कि आज उनको आपका पिछलग्गु बनने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। वो कांग्रेस जो 2017 के पहले राम के अस्तित्व को ही नकार चुकी थी, आज वो भी कहती है कि राम तो सबके हैं”।
“हर पौराणिक स्थल से है चिढ़”
सीएम ने कहा, “उनकी चिढ़ तो है कि अयोध्या इतनी सुंदर कैसे हो गई। काशी विश्वनाथ धाम इतना सुंदर कैसे हो गया। प्रयागराज का वैभव, महाकुंभ देश और दुनिया को अपनी ओर कैसे आकर्षित कर रहा है। उनकी चिढ़ है मथुरा-वृंदावन को लेकर और हर एक पौराणिक स्थल को लेकर”।
अंत में योगी ने कहा, “समाजवादी पार्टी रामपुर के चाकू का दुरुपयोग करके जनता की जमीनों पर कब्जा करती थी। बीजेपी की डबल इंजन सरकार में यही चाकू जनता की सुरक्षा के लिए उपयोग में आ रहा है और वही सुरक्षा का माहौल अब विकास का पर्याय बन रहा है”।