गोरखपुर: उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे युवाओं को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा ऐलान किया है। गोरखपुर में विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले छह महीने के भीतर प्रदेश के एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इसकी शुरुआत 19 सितंबर से की जाएगी।
बिना भेदभाव भर्ती पर जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि उत्तर प्रदेश के युवाओं को बिना भेदभाव के सरकारी नौकरी मिले। उन्होंने बताया कि इससे पहले उनकी सरकार के दौरान 9.30 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। सीएम योगी ने कहा कि बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में टीजीटी-पीजीटी शिक्षकों की नियुक्ति के विज्ञापन जारी किए गए हैं और आवेदन प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। उनका कहना था कि भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है।
पिछली सरकारों पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की भर्ती व्यवस्था को लेकर पिछली सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय नौकरी का विज्ञापन निकलने के बाद वसूली के लिए एक सिंडिकेट सक्रिय हो जाता था और युवाओं को नियुक्ति के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था।
उन्होंने कहा कि पहले नौकरी को लेकर सौदेबाजी होती थी और कई मामलों में न्यायालय से रोक लग जाती थी। उनके मुताबिक, इससे युवाओं का समय और भविष्य प्रभावित होता था। उन्होंने पिछली सरकारों के दौरान कानून-व्यवस्था और विकास की स्थिति पर भी सवाल उठाए।
यूपी में कानून-व्यवस्था का जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों के कामकाज के कारण उत्तर प्रदेश की पहचान को लेकर संकट पैदा हुआ और प्रदेश को बीमारू राज्य के तौर पर देखा जाने लगा था। उन्होंने दावा किया कि अब स्थिति बदल चुकी है और यूपी देश की ग्रोथ में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
सीएम योगी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश कर्फ्यू और दंगा मुक्त है तथा कानून का राज कायम है। उन्होंने कहा कि अपराधियों पर कार्रवाई की गई है और अब अपराधी खुलेआम धमकी, अपहरण या फिरौती जैसी गतिविधियां नहीं कर सकता। मुख्यमंत्री के मुताबिक, प्रदेश में लोगों की सुरक्षा और त्योहारों को शांतिपूर्ण माहौल में मनाने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।