चंडीगढ़: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को भारतीय न्याय संहिता (BNS) सहित तीनों नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्याय विजन को हरियाणा सरकार धरातल पर साकार कर रही है।
जांच में देरी पर सख्ती के निर्देश
मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जांच में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब जांच अधिकारियों को समय पर चार्जशीट दाखिल करने के लिए अलर्ट मिलेगा। तय समय में चार्जशीट सबमिट न करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि नए कानूनों का मकसद न्याय प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाना है।
वैज्ञानिक साक्ष्यों के उपयोग पर जोर
मुख्यमंत्री ने जांच में वैज्ञानिक साक्ष्यों के ज्यादा से ज्यादा उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने ई-साक्ष्य (e-Sakshya) और एनएएफआईएस (NAFIS) प्रणाली की प्रगति की भी समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देश दिए कि फोरेंसिक जांच, डिजिटल साक्ष्य और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया जाए ताकि दोषियों को सजा दिलाने में देरी न हो।
पीएम के न्याय विजन को लागू कर रहा हरियाणा
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम को हरियाणा में पूरी गंभीरता से लागू किया जा रहा है। इन कानूनों से आपराधिक न्याय प्रणाली में बड़े बदलाव आएंगे और आम लोगों को समय पर न्याय मिलेगा।
बैठक में गृह विभाग, पुलिस और अभियोजन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और हर स्तर पर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।