चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से पंजाब के विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को संत कबीर कुटीर पर शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान करीब एक घंटे तक किसानों से जुड़े मुद्दों, कृषि व्यवस्था और पंजाब के किसानों की मौजूदा स्थिति पर विस्तृत चर्चा हुई।
कौन-कौन रहा मौजूद
मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वालों में दोआबा किसान यूनियन, किसान बचाओ मोर्चा और कम्बोज बिरादरी के प्रमुख सदस्य शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब में किसानों के सामने आ रही बड़ी समस्याओं को मुख्यमंत्री के सामने रखा। इनमें फसल का उचित दाम न मिलना, मंडी व्यवस्था की खामियां, सिंचाई की दिक्कत और प्राकृतिक आपदा में मुआवजे में देरी जैसे मुद्दे प्रमुख थे।
किसान हित सबसे ऊपर: सीएम सैनी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया कि किसानों के हितों की रक्षा करना और उनकी समस्याओं का समाधान करना बीजेपी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार लगातार किसान हितैषी नीतियों के जरिए किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।
हरियाणा का दिया उदाहरण
सीएम ने बताया कि हरियाणा देश का ऐसा राज्य है जहां सरकार सभी 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सुनिश्चित कर रही है। इसके साथ ही प्राकृतिक आपदा या फसल खराबे की स्थिति में किसानों को 72 घंटे के अंदर मुआवजा देने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने भावांतर भरपाई योजना, सूक्ष्म सिंचाई और बागवानी को बढ़ावा देकर खेती को लाभकारी बनाया है।
पंजाब के लिए किया वादा
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनका हित भारतीय जनता पार्टी सरकार की प्राथमिकताओं में हमेशा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पंजाब में बीजेपी की सरकार बनने पर किसानों से जुड़े हर मुद्दे का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। केंद्र और राज्य की बीजेपी सरकारें किसानों के कल्याण, कृषि क्षेत्र के विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही हैं।