लखनऊ: भीषण गर्मी और बढ़ती बिजली मांग के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को ऊर्जा विभाग के साथ हाईलेवल बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि गांव हो या शहर, कहीं भी बिजली कटौती न हो। शिकायतों का तुरंत समाधान किया जाए और लापरवाही पर सख्त कार्रवाई होगी।
उत्पादन क्षमता बढ़ाने के निर्देश
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश की विद्युत उत्पादन क्षमता को और मजबूत किया जाए। सभी संयंत्रों को पूरी क्षमता से चलाया जाए। बैठक में बताया गया कि यूपी की कुल उत्पादन क्षमता 13,388 मेगावाट पहुंच गई है। इसमें तापीय संयंत्रों से 9,120 मेगावाट, जल विद्युत से 526.4 मेगावाट और संयुक्त उपक्रमों से 3,742 मेगावाट बिजली मिल रही है। 2022 के मुकाबले 2026 तक क्षमता में 86% का इजाफा हुआ है।
ट्रांसमिशन नेटवर्क 99.30% मजबूत
मुख्यमंत्री ने ट्रांसमिशन सिस्टम को आधुनिक बनाने पर जोर दिया। प्रदेश में 60,858 किमी लंबी ट्रांसमिशन लाइनें और 715 उपकेंद्र हैं। नेटवर्क की उपलब्धता 99.30% है और पारेषण हानियां घटकर 3.2% रह गई हैं। सीएम ने कहा कि गर्मी में तकनीकी बाधाओं को न्यूनतम रखा जाए।
ट्रांसफॉर्मर खराब होने पर तय होगी जिम्मेदारी
सीएम ने कहा कि बिजली वितरण को जवाबदेह बनाया जाए। फीडर वाइज अधिकारी तय हों। ट्रांसफॉर्मर खराब होने या शिकायत निस्तारण में देरी बर्दाश्त नहीं होगी। मई में आंधी-तूफान से 38 सब-स्टेशन और 326 फीडर प्रभावित हुए थे, जिन्हें तुरंत ठीक किया गया। ट्रांसफॉर्मर क्षति में भी 80% की कमी आई है। 2022-23 में 429 पावर ट्रांसफॉर्मर खराब हुए थे, जो 2025-26 में सिर्फ 87 रह गए।
रिकॉर्ड बिजली मांग की पूरी
15 अप्रैल से 22 मई के बीच बिजली की औसत मांग 501 से बढ़कर 561 मिलियन यूनिट प्रतिदिन हो गई। पीक डिमांड 30,339 मेगावाट पहुंची। 20 से 22 मई तक यूपी देश में सबसे ज्यादा बिजली देने वाले राज्यों में दूसरे नंबर पर रहा।
स्मार्ट मीटर-बिलिंग में सुधार
सीएम ने कहा कि 89.23 लाख स्मार्ट मीटर लग चुके हैं। जून 2026 से हर महीने 1 से 10 तारीख तक पोस्टपेड बिल जारी होंगे। 1912 हेल्पलाइन की क्षमता 90 हजार कॉल प्रतिदिन कर दी गई है। उन्होंने मंत्रियों को कॉल सेंटर का निरीक्षण करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली आपूर्ति आमजन, किसान और उद्योगों से जुड़ा विषय है। गर्मी में निर्बाध बिजली देना सरकार की प्राथमिकता है।