दुबई: ईरान ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान दौरे के दौरान उसके विदेश मंत्री अब्बास अराघची और अमेरिका के प्रतिनिधियों के बीच किसी भी तरह की सीधी बातचीत की कोई योजना नहीं है। यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में कूटनीतिक हलचल तेज है और ईरान-अमेरिका वार्ता को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं।
कोई सीधी बातचीत नहीं
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच किसी बैठक की कोई योजना नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच न तो कोई आधिकारिक वार्ता तय है और न ही किसी तरह की आमने-सामने की बैठक होने वाली है। उन्होंने इन खबरों को गलत बताया जिनमें संभावित मुलाकात की बात कही जा रही थी।
पाकिस्तान करेगा संदेशों का आदान-प्रदान
बाकाई ने बताया कि इस यात्रा के दौरान पाकिस्तान सरकार दोनों पक्षों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान कराएगी। यानी ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत सीधे नहीं होगी बल्कि पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभाएगा। उन्होंने अमेरिका द्वारा लगाए गए दबाव को कम करने और क्षेत्रीय तनाव घटाने के प्रयासों के लिए पाकिस्तान की सराहना की।
व्हाइट हाउस के बयान से बढ़ी अटकलें
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ ने संकेत दिया था कि उसके दूत ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची से मुलाकात कर सकते हैं। इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच संभावित वार्ता को लेकर चर्चा तेज हो गई थी। हालांकि ईरान के ताजा बयान ने इन सभी अटकलों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से तनावपूर्ण संबंध बने हुए हैं और इस घटनाक्रम को क्षेत्रीय कूटनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।