नोएडा: राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कहा कि ‘जेन-ज़ी’ को लेकर समाज में कई तरह की गलत धारणाएं हैं, जबकि आज का युवा आत्मनिर्भर, निर्णय लेने में सक्षम और नवाचार तथा विविधता को महत्व देने वाला है। रक्षा मंत्री ने गौतमबुद्ध नगर स्थित नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में यह बात कही। उन्होंने ‘जेन-ज़ी’ (1997 से 2012 के बीच जन्मी पीढ़ी) को लेकर प्रचलित धारणाओं को गलत बताते हुए कहा कि यह पीढ़ी ‘आलसी’ नहीं बल्कि बेहद सक्रिय और आत्मनिर्भर है।
जेन-ज़ी’ की खासियतें गिनाईं
राजनाथ सिंह ने कहा कि आज के युवा अपने फैसले खुद लेने में सक्षम हैं, सहयोग की भावना रखते हैं और विविधता को स्वीकार करते हैं। उन्होंने कहा कि समस्याओं को सुलझाने के प्रति इस पीढ़ी का दृष्टिकोण व्यावहारिक है, उनमें लचीलापन है और वे स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ने की इच्छा रखते हैं।
युवा शक्ति को बताया देश की ताकत
उन्होंने कहा कि भारत की लगभग 60 प्रतिशत आबादी 30 वर्ष से कम उम्र की है, जिसे केवल आंकड़ा नहीं बल्कि देश की सबसे बड़ी ताकत के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुरानी पीढ़ी जहां अनुशासन और धैर्य पर जोर देती थी, वहीं नई पीढ़ी नवाचार और अनुकूलनशीलता पर ध्यान देती है, और जब ये दोनों मिलते हैं तो विकास की गति तेज होती है।
रक्षा मंत्री ने अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि “छोटे मन से कोई बड़ा नहीं हो सकता और टूटे मन से कोई खड़ा नहीं हो सकता।” उन्होंने कहा कि व्यक्ति का दृष्टिकोण जितना व्यापक होगा, उसके जीवन में उतनी ही खुशियां और संतुलन आएगा।