Israel US Strikes in Iran: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की कथित अमेरिका-इजरायल संयुक्त सैन्य कार्रवाई में मौत की खबरों के बीच देश में सत्ता हस्तांतरण को लेकर बड़ी राजनीतिक हलचल शुरू हो गई है। हालांकि इन खबरों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है, लेकिन यदि ऐसा परिदृश्य बनता है तो ईरानी संविधान के तहत 88 सदस्यीय असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स नए सुप्रीम लीडर का चुनाव करेगी।
उत्तराधिकारी की रेस में ये नाम चर्चा में खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को सबसे प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। उन्हें कट्टरपंथी विचारधारा का समर्थक माना जाता है और कथित तौर पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कुछ वर्गों से करीबी संबंध बताए जाते हैं। हालांकि ईरान में वंशानुगत नेतृत्व की धारणा विवादित रही है।इसके अलावा सादिक लारिजानी मोहसिन अराकी, हसन खुमैनी, अली लारिजानी शामिल हैं
IRGC की भूमिका कितनी अहम?
विशेषज्ञों का मानना है कि IRGC का प्रभाव चयन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण हो सकता है। यदि सत्ता प्रतिष्ठान स्थिरता और सख्त रुख को प्राथमिकता देता है, तो किसी कट्टर विचारधारा वाले नेता को तरजीह मिल सकती है।
फिलहाल सत्ता किसके हाथ में?
संविधान के अनुसार, संक्रमण काल में राष्ट्रपति, न्यायपालिका प्रमुख और गार्जियन काउंसिल के वरिष्ठ सदस्य प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालते हैं। खामेनेई की मृत्यु की स्थिति में 40 दिनों का राष्ट्रीय शोक घोषित किया जाता है और इसी अवधि में नए सुप्रीम लीडर के चयन की प्रक्रिया तेज की जाती है। ईरान का अगला सुप्रीम लीडर कौन होगा, यह फैसला न केवल देश की आंतरिक राजनीति बल्कि पश्चिम एशिया की भू-राजनीति पर भी गहरा असर डालेगा। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर तेहरान पर टिकी है।