New Delhi: आज पूरे देश में मकर संक्रांति, उत्तरायण और पोंगल पर्व बड़े उत्साह से मनाए जा रहे हैं। यह त्योहार सूर्य के धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश का प्रतीक है, जिससे उत्तरायण की शुरुआत होती है। उत्तरायण को सूर्य का उत्तर दिशा में गमन माना जाता है, जो शुभ और सकारात्मक ऊर्जा का संकेत देता है। इस दिवस से दिन लंबे होने लगते हैं और सर्दी कमजोर पड़ती है।
मकर संक्रांति कब?
इस वर्ष मकर संक्रांति को लेकर तिथि में भ्रम है, क्योंकि 14 जनवरी को षटतिला एकादशी पड़ रही है। पंचांग के अनुसार, सूर्य दोपहर 3:13 बजे मकर राशि में प्रवेश कर रहा है, इसलिए मुख्य संक्रांति क्षण और पुण्य काल 14 जनवरी को ही है। पुण्य काल दोपहर 3:13 बजे से शाम 5:45 बजे तक रहेगा, जबकि महा पुण्य काल 3:13 से 4:58 बजे तक। कई विद्वान और पंचांग (जैसे द्रिक पंचांग) 14 जनवरी को ही मुख्य तिथि मानते हैं, क्योंकि गोचर दिन में हो रहा है।
15 जनवरी को क्या?
एकादशी के कारण चावल, खिचड़ी का सेवन और दान वर्जित है, इसलिए कुछ जगहों पर स्नान-दान 14 जनवरी को और खिचड़ी/दान 15 जनवरी (द्वादशी) को किया जा रहा है। कुछ ज्योतिषी उदया तिथि के आधार पर 15 जनवरी को शुभ मानते हैं, लेकिन अधिकांश स्रोत 14 जनवरी को ही मुख्य उत्सव बता रहे हैं। विभिन्न राज्यों में शुभ मुहूर्त अलग-अलग हैंउत्तर भारत में सुबह स्नान, गुजरात में उत्तरायण पर पतंगबाजी, तमिलनाडु में पोंगल 15 जनवरी को है।
पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मकर संक्रांति, माघ बिहू और पोंगल की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ये पर्व आशा, सकारात्मकता और समृद्धि का प्रतीक हैं। पीएम मोदी दिल्ली में केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन के घर पोंगल उत्सव में शामिल हुए, जहां तमिल परंपराओं के अनुसार उत्सव मनाया गया।