(मथुरा): मथुरा जिले में यमुना एक्सप्रेसवे पर मंगलवार तड़के एक भीषण सड़क दुर्घटना में 13 लोगों की मौत हो गई और 35 अन्य घायल हुए। यह हादसा बलदेव थाना क्षेत्र में आगरा-नोएडा मार्ग पर हुआ, जब घने कोहरे के कारण सात बसें और तीन अन्य वाहन आपस में टकरा गए। टक्कर इतनी गंभीर थी कि कई वाहनों में आग लग गई और यात्रियों के जलने से उनकी मौत हो गई।
मृतक और घायलों की स्थिति
मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि हादसा सुबह साढ़े चार बजे हुआ। बलदेव थाना प्रभारी रंजना सचान के अनुसार मृतकों में अब तक केवल तीन की पहचान हो पाई है। इनमें प्रयागराज निवासी अखिलेंद्र प्रताप यादव (44), आजमगढ़ निवासी रामपाल (75) और गोंडा जिले के मुस्कान बाजार के सुल्तान (62) शामिल हैं। शेष मृतकों के शवों से सैंपल लेकर डीएनए जांच के लिए भेजे जा रहे हैं, ताकि परिजनों से मिलान के बाद उनकी पहचान की जा सके। घायलों में से 15 को जिला अस्पताल, नौ को बलदेव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, नौ को निजी अस्पताल और दो को आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। सभी यात्रियों को सरकारी वाहनों द्वारा उनके गंतव्य तक पहुँचाया गया।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि बलदेव थाना में अज्ञात बस चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है और जांच शुरू कर दी गई है। हादसे के कारण मार्ग पर अस्थायी परिवर्तन भी किया गया। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने अपर जिलाधिकारी (एडीएम) अमरेश कुमार की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। समिति में अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सुरेश चंद्र रावत, अधिशासी अभियंता (निर्माण खंड-एक) गुलवीर सिंह और सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी राजेश राजपूत शामिल हैं। समिति को दो दिनों में हादसे की जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
चश्मदीदों ने बताया कि टक्कर इतनी गंभीर थी कि कई बसों में आग लग गई। मौके पर दमकल की गाड़ियां बुलानी पड़ीं। आग की लपटों और टक्कर की गंभीरता के कारण कई यात्रियों की मौत हुई। आगरा मंडल के आयुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह और पुलिस उप महानिरीक्षक शैलेष कुमार पांडेय भी घटनास्थल पर पहुंचे और जिला अस्पताल में घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों को घायलों का समुचित इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सीएम योगी ने व्यक्त किया शोक किया ये ऐलान
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुःख व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदनाएं प्रकट कीं। उन्होंने घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए और दिवंगत आत्माओं के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का आदेश दिया।
जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने कहा कि मृतकों की सही पहचान के लिए अवशेषों से डीएनए नमूने लिए जा रहे हैं। जिन यात्रियों की पहचान हो गई है, उनके सम्मानजनक अंतिम संस्कार की व्यवस्था की जा रही है, जबकि घायलों का इलाज जारी है। प्रशासन और पुलिस हादसे के कारणों की पूरी जांच कर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सिफारिशें पेश करेंगे।