एक्टोपिक प्रेग्नेंसी में हर हाल में फेलोपियन ट्यूब बचाने वाले डॉ. विजोय कैसे करते हैं दुर्लभ सर्जरी?

Ectopic Pregnancy: एक्टोपिक प्रेग्नेंसी के जटिल केस में भी 90 फीसदी मामलों में फेलोपियन ट्यूब को बचाना संभव हो सकता है। अब तक सैकड़ों महिलाओं की फेलोपियन ट्यूब बचाने के लिए देश भर में मशहूर गायन्को सर्जन डॉ. विजोय नायक की जीवटता आपको हैरान कर देगी।

आम तौर पर एक्टोपिक प्रेग्नेंसी में अगर ट्यूब रप्चर होने से पहले इसका पता नहीं चले तो ज्यादातर डॉक्टर ऑपरेशन करके फेलोपियन ट्यूब को निकाल देते हैं। मगर डॉ. विजोय फेलोपियन ट्यूब बचाने के लिए बड़ा सा बड़ा रिस्क लेने के लिए जाने जाते हैं और वह इसमें सफल भी होते हैं। वह अब तक सैकड़ों ऐसी महिलाओं की फेलोपियन ट्यूब जटिल सर्जरी से सुरक्षित कर चुके हैं, जो रप्चर होने वाली थी।

30 साल पहले खुद ईजाद की तकनीकि

डॉ. विजोय नायक कहते हैं कि 30-32 साल से भी अधिक समय पहले लैप्रोस्कोपी नहीं थी और अल्ट्रासाउंड भी सिर्फ बड़े शहरों में था। वह दौर ऐसा था जब कुछ बड़े निजी संस्थानों में लैप्रोस्कोपी इंट्रोड्यूस की जा रही थी। मगर इसके सर्जन नहीं थे। इसी दौरान एक युवती यूट्रस में ट्यूमर की शिकायत लेकर आई। उसकी वजह से उसको दर्द बहुत था।

उसने कहीं बाहर से अल्ट्रासाउंड कराया था, जिसमें ट्यूमर डिटेक्ट किया गया था, लेकिन जब वह दवा से ठीक नहीं हुआ तो सर्जरी प्लान की। सर्जरी करते समय पता चला कि वह ट्यूमर नहीं, बल्कि फेलोपियन ट्यूब में एक्टोपिक प्रेग्नेंसी थी और ट्यूब पूरी तरह फट चुकी थी…उसमें बहुत ब्लीडिंग हो रही थी। मरीज की जान बचाना मुश्किल था। मगर तब उसकी रप्चर हो चुकी ट्यूब निकाल दिया। किसी तरह उसकी जान बची।

ऐसे बचाई फेलोपियन ट्यूब

डॉ. विजोय ने बताया कि करीब 6 महीने बाद उसी लड़की की दूसरी ट्यूब में भी एक्टोपिक प्रेग्नेंसी हो गई। वह फिर मेरे पास आई। दूसरी ट्यूब रप्चर होने लगी थी। मैंने उसकी इमरजेंसी सर्जरी प्लान की। घंटो सोचता रहा कि दूसरी ट्यूब भी काट दिया तो वह कभी मां नहीं बन सकेगी। रप्चर होने की स्थिति में पहुंच चुकी ट्यूब को बचाने का तब कोई तरीका मौजूद नहीं था। मैंने बहुत सोचा फिर आइडिया आया कि फेलोपियन ट्यूब में एक छेद करके भ्रूण को निकाल दूं तो शायद बाद में काम बन सके।

मैंने वैसा ही किया और ट्यूब को बाद में जोड़ने के लिए छोड़ दिया। कुछ महीनों बाद युवती प्रेग्नेंट हुई और उसके गर्भाशय में गर्भ ठहरा। मैं आश्चर्यचकित था। मेरा आइडिया काम आया। इसके बाद से अब तक ऐसी सैकड़ों जटिल सर्जरी की, जिसमें महिलाओं की फेलोपियन ट्यूब को कटने से बचाया। इसी तरह आगरा में एक ऐसी युवती की सर्जरी की, जिसकी दोनों फेलोपियन ट्यूब का मुंह बंद था। बाद में उसे भी बच्चा हुआ। तब से अब तक सैकड़ों सफल सर्जरी कर चुके हैं।

क्या है एक्टोपिक प्रेग्नेंसी

एक्टोपिक प्रेग्नेंसी महिलाओं के मां बनने की राह में बड़ी बाधा है। जब निषेचित अंडा गर्भाशय में न जाकर फेलोपियन ट्यूब में कहीं जाकर चिपक जाता है और वहीं विकसित होने लगता है तो यह स्थिति एक्टोपिक प्रेग्नेंसी कहलाती है। इसका सही समय पर पता न चले तो ट्यूब फटने से मरीज की जान जा सकती है। ऐसे में ज्यादातर डॉक्टर बिना रिस्क लिए ट्यूब को काटना ही विकल्प समझते हैं।

ताकि मरीज की जान को खतरा न हो। हालांकि आरंभिक स्टेज में पता चलने पर इसे इंजेक्शन से भी ठीक किया जा सकता है। अन्यथा ट्यूब काटने के अलावा कोई और विकल्प नहीं होता। मगर देश के जाने-माने गायन्को सर्जन डॉ. विजोय नायक हर हाल में एक्टोपिक प्रेग्नेंसी की शिकार महिलाओं की फेलोपियन ट्यूब बचाने का प्रयास करते हैं। इसमें उन्हें सफलता भी मिलती है। वह यह काम लैप्रोस्कोपिक सर्जरी से करते हैं।

कौन हैं डॉ. विजोय नायक

डॉ. विजोय नायक देश के जाने-माने गायन्को सर्जन हैं। उन्हें 34 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने अब तक करीब 20 हजार से ज्यादा लैप्रोस्कोपिक सर्जरी की है। फिलहाल वह नई दिल्ली के द्वारका में सेक्टर 10 स्थित मैक्स अस्पताल के ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायन्कोलॉजी और लैप्रोस्कोपिक सर्जरी विभाग के डायरेक्टर हैं। फिलहाल वह एआई रोबोटिक सर्जरी को देश में बढ़ावा देने पर काम कर रहे हैं। वह देश-विदेश के डॉक्टरों को प्रशिक्षण देने के लिए भी जाते रहते हैं।

एक्टोपिक की कैसे होती है पहचान

पीरियड रुके तो तत्काल प्रेग्नेंसी टेस्ट करें। एक्टोपिक होने पर पेट में बाईं या दाईं तरफ नीचे की ओर तेज दर्द हो सकता है। बीटा एचसीजी जांच कराएं। या ट्रांस वजाइनल अर्ली प्रेग्नेंसी अल्ट्रासाउंड करा लें। इसमें भी एक्टोपिक प्रेग्नेंसी का पता चल जाता है। ऐसा होने पर तत्काल कुशल गायन्को सर्जन के पास जाएं। अगर ट्यूब सलामत है तो इंजेक्शन के जरिये भी इसे ठीक किया जा सकता है। रप्चर होने की स्थिति में तत्काल सर्जरी प्लान करनी पड़ती है। डॉ. विजोय कहते हैं कि मेरी कोशिश होती है कि हर हाल में फेलोपियन ट्यूब को बचाया जाए, जब तक कि वह पूरी तरह फट न गई हो।

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