नई दिल्ली: भारत की कुल स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता 31 अक्टूबर तक 5.5 लाख मेगावाट के आंकड़े को पार कर गई, जिसमें गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों का योगदान 51 प्रतिशत से अधिक रहा। यह जानकारी केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपद येसो नाइक ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
प्रगति की राह पर देश
नाइक द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, कुल उत्पादन क्षमता में से 2,45,600 मेगावाट (48.6%) जीवाश्म ईंधन स्रोतों से हासिल किया गया, जबकि 2,59,423 मेगावाट (51.37%) क्षमता गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से प्राप्त हुई। गैर-जीवाश्म श्रेणी में नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की क्षमता 2,50,643 मेगावाट रही, जो इस क्षेत्र में देश की बढ़ती प्रगति को दर्शाती है।
2030 तक 500 गीगावाट का लक्ष्य
मंत्री ने बताया कि सरकार वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता हासिल करने के अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन में तेजी लाने पर कार्य कर रही है। इस दिशा में कई नीतिगत कदम और प्रोत्साहन लागू किए गए हैं।
भारत ऊर्जा सुरक्षा में होगा और मजबूत
नाइक ने बताया कि अंतर-राज्यीय पारेषण प्रणाली (ISTS) शुल्क में छूट, नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की अनुमति और नवीकरणीय परियोजनाओं को सक्षम बनाने के लिए नई पारेषण योजना शुरू करना, सरकार की प्रमुख पहलों में शामिल है। अधिकारियों के मुताबिक, इन उपायों से न केवल नवीकरणीय क्षमता बढ़ेगी, बल्कि आने वाले वर्षों में भारत की ऊर्जा सुरक्षा और स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को मजबूत आधार भी मिलेगा।