Flat allotment in Lucknow: (लखनऊ): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लखनऊ के डालीबाग इलाके में मुख्तार अंसारी के अवैध कब्जे से बरामद जमीन पर बने फ्लैटों की चाबियां लाभार्थियों को सौंपी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने माफिया और अवैध अतिक्रमण में लिप्त लोगों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि जो कोई भी समाज को आतंकित करेगा या सार्वजनिक भूमि पर कब्जा करेगा, उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
माफिया से छीनी गई जमीन अब गरीबों के लिए
योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘यह केवल मकानों का आवंटन नहीं है; यह संदेश है कि माफिया से छीनी गई जमीन पर अब गरीबों को मकान मिलेगा।’ उन्होंने कहा अपराध के प्रति सरकार के सख्त रुख और ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को दोहराया।
कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर फ्लैट वितरण
सीएम योगी ने आवासीय परिसर में एक पौधा भी लगाया और कार्तिक पूर्णिमा की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि जबकि लाखों श्रद्धालु गढ़मुक्तेश्वर, प्रयागराज, काशी और अयोध्या में पवित्र स्नान कर रहे हैं, लखनऊ में माफिया नियंत्रण से मुक्त जमीन पर लाभार्थियों को मकान सौंपना भी एक आशीर्वाद है।
सरदार वल्लभभाई पटेल आवास योजना के अंतर्गत निर्माण
मुख्यमंत्री ने बताया कि लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने 36.65 वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाले फ्लैटों को 10.70 लाख रुपये में आवंटित किया, जबकि इनका बाजार मूल्य लगभग एक करोड़ रुपये है। फ्लैटों का निर्माण सरदार वल्लभभाई पटेल आवास योजना के तहत हुआ है।
एलडीए ने अवैध हटाया कब्जा
एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि यह परियोजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का परिणाम है। एलडीए ने अंसारी के कब्जे से लगभग 2,322 वर्ग मीटर भूमि को मुक्त कर 72 फ्लैटों वाले तीन जी+3 ब्लॉक बनाए। प्रत्येक फ्लैट 36.65 वर्ग मीटर में बना है और सभी फ्लैट ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) के लिए आरक्षित हैं।
ऑनलाइन पंजीकरण और लॉटरी प्रक्रिया
फ्लैट योजना के लिए ऑनलाइन पंजीकरण 4 अक्टूबर से 3 नवंबर तक चला। इस दौरान लगभग 8,000 आवेदन प्राप्त हुए। लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से 72 लाभार्थियों का चयन किया गया। कार्यक्रम के दौरान सभी नियमों और सुरक्षा उपायों का पालन किया गया।
कौन थे मुख्तार अंसारी
जेल में बंद गैंगस्टर और नेता मुख्तार अंसारी (63) का 28 मार्च 2024 को बांदा के एक अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। अंसारी मऊ सदर विधानसभा सीट से पांच बार विधायक रहे और 2005 से उत्तर प्रदेश और पंजाब की जेलों में बंद थे। उनके कब्जे से मुक्त भूमि पर यह आवास परियोजना तैयार की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि फ्लैट वितरण कार्यक्रम न केवल गरीबों को मकान प्रदान करता है, बल्कि राज्य सरकार की माफिया नियंत्रण और अवैध कब्जा हटाने की नीति का उदाहरण भी है।