Rainfall Landslide in Nepal: (नई दिल्ली): प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नेपाल में भारी बारिश और भूस्खलन की वजह से हुई जान-माल की भारी क्षति पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि भारत एक मित्रवत पड़ोसी और पहले प्रतिक्रिया देने वाले देश के रूप में नेपाल को हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
शनिवार रात से पूर्वी नेपाल के विभिन्न हिस्सों में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते कई क्षेत्रों में भूस्खलन और बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अब तक कम से कम 40 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से अकेले 37 मौतें इलम जिले में हुईं। इसके अलावा, 5 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने जताई संवेदना
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा नेपाल में भारी बारिश के कारण हुई जान-माल की क्षति दुखद है। हम इस कठिन समय में नेपाल के लोगों और सरकार के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि भारत, नेपाल को हर प्रकार की आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए तत्पर है और ज़रूरत पड़ने पर त्वरित राहत और बचाव सामग्री भी भेजी जाएगी।
पड़ोसी देशों की मदद के लिए भारत है तत्पर
भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह नेपाल की परिस्थिति पर करीब से नज़र रखे हुए है और वहां की स्थिति को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की जाएगी। भारत के विदेश मंत्रालय और आपदा प्रबंधन विभाग नेपाल सरकार के संपर्क में हैं, ताकि ज़रूरी मदद जल्द से जल्द पहुंचाई जा सके। नेपाल में भूस्खलन के चलते कई मकान जमींदोज हो गए हैं, सड़क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए हैं और दूरदराज़ के गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट चुका है। हालात बेहद गंभीर हैं और स्थानीय प्रशासन राहत कार्यों में जुटा है।