Chief Election Commissioner: (पटना): बिहार में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को सफलतापूर्वक पूरा करने पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रयास ने राज्य में 22 वर्षों बाद मतदाता सूची का “शुद्धीकरण” करने का अवसर दिया है। कुमार ने यह जानकारी देते हुए बताया कि राज्य के 243 निर्वाचन क्षेत्रों में प्रत्येक में एक ERO (निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी) तैनात है।
इस व्यापक प्रक्रिया को सम्पन्न करने में कुल 90,207 BLOs (ब्लॉक स्तर सत्यापन अधिकारी) की सक्रिय भूमिका रही। इस योगदान के कारण ही 22 वर्ष बाद यह शुद्धीकरण संभव हुआ। उन्होंने कहा कि पिछला गहन पुनरीक्षण 2003 में ही किया गया था, और उसके बाद इतनी व्यापक स्तर पर कदम नहीं उठाया गया। इस अवसर पर कुमार के साथ चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह सिंधु और विवेक जोशी भी बिहार दौरे पर मौजूद थे।
चुनावों की तैयारियों का लिया जायजा
इस दौरे के दौरान, आयोग ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से चर्चा की और अधिकारियों के साथ बात करते हुए आगामी चुनावों की तैयारियों का जायजा लिया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि इस शुद्धीकरण को मतदान प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को बढ़ाने वाले एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखें।
इस शुद्धीकरण अभियान ने मतदाता सूची से मृतक, निष्क्रिय या दोहराव वाले नामों को हटाने और वास्तविक व स्थाई निवासियों को सूची में शामिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इससे आने वाले चुनावों में मतदाता सूची की विश्वसनीयता और सटीकता बढ़ने की संभावना है।