PM Modi प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को दिल्ली से बिहार के लिए कई युवा-केंद्रित शिक्षा और कौशल विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार की जमकर सराहना की और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की पूर्ववर्ती सरकार पर तीखा हमला बोला।
प्रधानमंत्री ने कहा कि राजद शासन के दौरान शिक्षा व्यवस्था की बदहाली ही वह मूल कारण थी जिससे राज्य से बड़े पैमाने पर पलायन शुरू हुआ। उन्होंने याद दिलाया कि उस समय स्कूल समय पर नहीं खुलते थे, शिक्षकों की नियुक्तियां रुकी हुई थीं और छात्रों को मजबूरी में दूसरे राज्यों में पढ़ाई और रोजगार के लिए पलायन करना पड़ता था। उन्होंने कहा, “जिस पेड़ की जड़ें सड़ चुकी हों, उसे दोबारा खड़ा करना आसान नहीं होता। राजद शासन में बिहार की स्थिति ऐसी ही थी।
पीएम मोदी ने नीतीश सरकार की पहल को सराहा
प्रधानमंत्री मोदी ने नीतीश कुमार की सरकार की नीतियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि राजग सरकार ने बिहार को विकास के पथ पर अग्रसर किया है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने अगले पांच वर्षों में रोजगार प्राप्त करने वाले युवाओं की संख्या को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने इसे “बिहार के लिए नई आशा और आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम” बताया।
पीएम मोदी ने कहा कि राज्य में अब युवाओं को अपने घर से बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी क्योंकि शिक्षा और कौशल विकास के नए अवसर उनके जिले और शहरों में ही उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि पलायन को रोकने के लिए यही सबसे बड़ा समाधान है।
‘जननायक’ शब्द को लेकर टिप्पणी
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर नाम लिए बिना निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग ‘जननायक’ कर्पूरी ठाकुर के नाम और सम्मान को “चुराने की कोशिश” कर रहे हैं। यह शब्द बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और लोकप्रिय ओबीसी नेता कर्पूरी ठाकुर के लिए दशकों से प्रयोग होता रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा जननायक की उपाधि सोशल मीडिया ट्रोल्स ने नहीं दी बल्कि यह बिहार की जनता के प्यार और सम्मान की निशानी है। उन्होंने बिहार के लोगों से आग्रह किया कि वे अपने नेताओं और विरासत को सम्मान के साथ पहचानें, और किसी की नकली राजनीति के झांसे में न आएं। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने कर्पूरी ठाकुर को हाल ही में भारत रत्न से सम्मानित किया है, जिससे ओबीसी वर्ग में राजनीतिक रूप से सकारात्मक संदेश गया है।
आईटीआई को बनाया आत्मनिर्भर भारत की रीढ़
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) की भूमिका को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आज आईटीआई सिर्फ तकनीकी शिक्षा का केंद्र नहीं बल्कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ की नींव रखने वाले संस्थान बन चुके हैं। पीएम मोदी ने बताया कि उनकी सरकार ने पिछले 10 वर्षों में 5,000 से अधिक नए आईटीआई खोले हैं, जबकि 2014 से पहले तक देश में केवल 10,000 आईटीआई थे।