India Pakistan Conflict: (न्यूयॉर्क): भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) में पाकिस्तान को कड़ी फटकार लगाई है। भारतीय राजनयिक क्षितिज त्यागी ने कहा कि पाकिस्तान अपने ही लोगों पर बमबारी कर रहा है और निराधार आरोप लगाकर भारत को बदनाम करने के लिए यूएन मंच का दुरुपयोग कर रहा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को अपने अवैध कब्जे वाले क्षेत्रों को तुरंत खाली करना चाहिए और आतंकवाद निर्यात करने के बजाय अपने देश के अंदर मानवाधिकार सुधारने पर ध्यान देना चाहिए।
तिराह घाटी में बम धमाके से मौतें
बता दें कि पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की तिराह घाटी में हाल ही में हुए बम धमाके या हवाई हमलों में कम से कम 24 लोग मारे गए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक यह विस्फोट पाकिस्तानी तालिबान द्वारा रखे गए विस्फोटक सामग्री के फटने से हुआ, जबकि कुछ रिपोर्टों में पाकिस्तानी वायु सेना के हवाई हमलों की भी बात कही जा रही है। सोशल मीडिया पर इस क्षेत्र से मलबे में दबे हुए वाहन, जले मकान और शव निकाले जाने के दृश्य सामने आए हैं।
भारत का यूएन मंच पर तीखा जवाब
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) के सत्र में एजेंडा आइटम 4 पर बोलते हुए, 2012 बैच के भारतीय विदेश सेवा अधिकारी और राजनयिक क्षितिज त्यागी ने कहा कि कुछ प्रतिनिधिमंडल इस मंच का गलत इस्तेमाल भारत के खिलाफ निराधार और भड़काऊ बयान देने के लिए करते रहते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि भारत के खिलाफ आरोप लगाने के बजाय, उन्हें अपने अवैध रूप से कब्जे वाले भारतीय क्षेत्रों को खाली कर देना चाहिए। साथ ही, उन्हें अपनी अर्थव्यवस्था, जो जीवन रक्षक प्रणाली पर निर्भर है, और सैन्य प्रभुत्व वाली राजनीति के दबाव से जूझती मानवाधिकार स्थिति को सुधारने पर ध्यान देना चाहिए। शायद तभी वे आतंकवाद निर्यात करने, संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकवादियों को शरण देने और अपने ही नागरिकों पर बमबारी करने से फुर्सत पा सकेंगे
भारत ने दी सख्त चेतावनी
भारत ने कहा कि पाकिस्तान अपने ही नागरिकों के साथ अमानवीय व्यवहार करता है और वहां राजनीतिक उत्पीड़न आम बात है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का मानवाधिकार रिकॉर्ड बेहद खराब है और उसे सुधारने की जरूरत है। भारत ने चेतावनी दी कि पाकिस्तान की आतंकवादी गतिविधियां पूरे क्षेत्र की शांति और सुरक्षा के लिए खतरा हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को अपने आंतरिक मामलों को सुलझाना चाहिए और बिना वजह भारत पर आरोप लगाने से बचना चाहिए।