U K cloudburst: (नई दिल्ली): उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली क्षेत्र में मंगलवार तड़के बादल फटने की घटना ने भारी तबाही मचा दी। खीरगंगा नदी में अचानक आई बाढ़ के कारण कम से कम चार लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई मकान, होटल और रेस्तरां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। घटना के बाद केंद्र और राज्य सरकारें सक्रिय हो गई हैं और राहत कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिए गए हैं।
गृह मंत्री ने ‘एक्स’ पर किया पोस्ट
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात कर स्थिति की जानकारी ली और प्रभावितों को तत्काल सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए। शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए कहा कि धराली (उत्तरकाशी) में अचानक आई बाढ़ के संबंध में मुख्यमंत्री से बात की। पास में ही तैनात आईटीबीपी की तीन टीमों को घटनास्थल पर भेजा गया है और एनडीआरएफ की चार टीमें भी रवाना कर दी गई हैं। ये टीमें शीघ्र राहत और बचाव कार्य में जुट जाएंगी।
बाढ़ के बाद मौके पर तैनात आईटीबीपी की 12वीं बटालियन से 16 जवानों की एक टीम पहले ही धराली पहुंच चुकी है। साथ ही, एक अन्य टीम को भी घटनास्थल की ओर रवाना किया गया है। एनडीआरएफ की चार विशेष टीमें भी तैयार की गई हैं, जो जल्द ही क्षेत्र में पहुंचकर राहत कार्यों को गति देंगी।
सीएम धामी ने अधिकारियों को दिए ये निर्देश
धराली, जो कि गंगोत्री धाम जाने वाले मार्ग पर स्थित एक प्रमुख पड़ाव है, वहां कई होटल, होमस्टे और धार्मिक ठिकाने हैं। अधिकारियों के अनुसार, बाढ़ की चपेट में आकर कई संरचनाएं पूरी तरह से ढह गई हैं। स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और अस्थायी राहत शिविर स्थापित किए जा रहे हैं। राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी आपदा प्रबंधन अधिकारियों और जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि प्रभावितों को त्वरित राहत उपलब्ध कराई जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि किसी भी पीड़ित को बिना सहायता के नहीं छोड़ा जाएगा।