Himachal rain and landslide:(शिमला): हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। रविवार सुबह तक प्रदेश में दो राष्ट्रीय राजमार्गों सहित कुल 307 सड़कें बंद हो चुकी हैं। मौसम विभाग ने सोमवार और मंगलवार को भारी से बहुत भारी वर्षा को लेकर ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।
राज्य आपातकालीन अभियान केंद्र के अनुसार, मंडी ज़िला सबसे ज्यादा प्रभावित रहा, जहां 156 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। इसके बाद कुल्लू में 68 सड़कें अवरुद्ध हैं। भारी वर्षा के चलते कई जगहों पर भूस्खलन और सड़कों पर मलबा जमा हो गया है, जिससे वाहन चलाना असंभव हो गया है।
बिजली और जलापूर्ति पर असर
हिमाचल में भारी बारिश के कारण 284 विद्युत ट्रांसफॉर्मर और 210 जलापूर्ति योजनाएं बाधित हुई हैं। ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों में बिजली और पानी की आपूर्ति ठप है। स्थानीय प्रशासन की ओर से आपातकालीन सेवाओं को बहाल करने के प्रयास जारी हैं।
अब तक 101 मौतें 1,692 करोड़ का नुकसान
20 जून को मानसून के आगमन से लेकर अब तक राज्य को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। SEOC के अनुसार, बारिश संबंधी घटनाओं में अब तक 101 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 36 लोग लापता हैं। वहीं, 1,600 घर पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। राज्य को कुल ₹1,692 करोड़ का आर्थिक नुकसान होने का अनुमान है।
प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ीं घटनाएं
बता दें कि राज्य में अब तक 51 अचानक बाढ़, 28 बादल फटने और 45 भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं। इन घटनाओं ने न केवल बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया है, बल्कि लोगों की जान और माल को भी भारी क्षति पहुँचाई है।
प्रशासन सतर्क
मौसम विभाग ने ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी करते हुए लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है। राज्य सरकार ने सभी ज़िलों में आपदा प्रबंधन टीमें तैनात कर दी हैं। पहाड़ी इलाकों में अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।