Sawan Shivratri 2025: सावन महीने की शिवरात्रि पर आज पूरे देश में शिवभक्ति का अद्भुत नज़ारा देखने को मिल रहा है। तड़के से ही देशभर के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। भक्तों ने शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, बेलपत्र और पुष्प चढ़ाकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया।
कांवड़ियों की टोली पहुंची शिवालयों तक
सावन की शिवरात्रि पर कांवड़ यात्रा का विशेष महत्व होता है। देशभर से लाखों कांवड़िए गंगाजल लेकर पैदल यात्रा करते हुए अपने-अपने क्षेत्र के शिवालयों तक पहुंचे हैं। दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और बिहार से चलकर आए कांवड़ियों ने आज शिवरात्रि पर हर हर महादेव के जयघोष के साथ जल चढ़ाया।
हरिद्वार, गंगोत्री और प्रयागराज से जल लेकर आए कांवड़िए अपने गंतव्य तक पहुंच चुके हैं। कई शिव मंदिरों में विशेष कांवड़ शिविर भी लगाए गए हैं जहां ठहरने, भोजन और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की गई है।
प्रमुख मंदिरों में उमड़ी भक्तों की भीड़
दिल्ली के गौरी शंकर मंदिर, वाराणसी के काशी विश्वनाथ, उज्जैन के महाकालेश्वर, प्रयागराज, गाजियाबाद, अयोध्या और बुलंदशहर जैसे शहरों में श्रद्धालु तड़के से ही दर्शन के लिए पहुंचने लगे। कई जगहों पर भक्तों को 3 से 4 घंटे तक लाइन में खड़ा रहना पड़ा, लेकिन उनकी आस्था में कोई कमी नहीं दिखी।
सावन शिवरात्रि का महत्व
सावन की शिवरात्रि भगवान शिव के तपस्वी स्वरूप को समर्पित होती है। मान्यता है कि इस दिन व्रत, उपवास, रुद्राभिषेक और शिवनाम जप से विशेष पुण्य मिलता है। यह दिन विशेष रूप से कुंवारी कन्याओं, विवाहित महिलाओं और साधकों के लिए शुभ माना जाता है।
रुद्राभिषेक और भजन-कीर्तन से गूंजे मंदिर
दिनभर मंदिरों में शिव तांडव स्तोत्र, रुद्राभिषेक, आरती और भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ। कई जगहों पर शिव बारात और झांकियों के आयोजन भी देखने को मिले। सावन शिवरात्रि पर हर तरफ भक्ति, उल्लास और आध्यात्मिक ऊर्जा का माहौल बना हुआ है। भक्तों के शिवनाम के जाप और भोलेनाथ की भक्ति से सड़कों से लेकर मंदिरों तक एक अलौकिक दृश्य देखने को मिल रहा है।
प्रशासन ने किए विशेष इंतजाम
श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की भारी संख्या को देखते हुए सुरक्षा, ट्रैफिक, चिकित्सा और जल वितरण के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। पुलिस, होम गार्ड और स्वयंसेवकों को अलग-अलग बिंदुओं पर तैनात किया गया है।