Month of Sawan has started: सावन मास का पावन आगाज आज से हो गया है, और इसके साथ ही पूरे देश में शिवभक्ति का अद्वितीय माहौल देखने को मिल रहा है। काशी विश्वनाथ, महाकालेश्वर उज्जैन, सोमनाथ, केदारनाथ से लेकर द्वादश ज्योतिर्लिंगों तक शिवालयों में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लग गईं। शिवभक्तों के जयघोष “हर-हर महादेव”, “बोल बम” और “ऊँ नम: शिवाय” से वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया।
श्रावण मास को भगवान शिव का प्रिय मास माना जाता है। विशेष रूप से सावन के सोमवार को शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, पुष्प और भस्म अर्पित करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है। इस बार सावन पूरे 4 सोमवार लेकर आया है, और पहले ही दिन देशभर के मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा।
काशी में गंगा जल से हुआ विशेष रुद्राभिषेक
वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में आज ब्रह्ममुहूर्त में विशेष रुद्राभिषेक किया गया। गंगा जल, दूध, दही, घी, शहद और जल से शिवलिंग का अभिषेक कर आचार्यों ने वैदिक मंत्रों के साथ पूजा संपन्न करवाई। मंदिर प्रांगण में श्रद्धालु ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों के साथ दर्शन के लिए उमड़ पड़े।
उज्जैन में बाबा महाकाल की भस्म आरती
उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में अलसुबह हुई भस्म आरती ने हजारों श्रद्धालुओं को दिव्यता का अनुभव कराया। भस्म आरती के दर्शन के लिए देश-विदेश से आए श्रद्धालु रात्रि से ही मंदिर प्रांगण में एकत्रित थे। मंदिर प्रशासन ने विशेष सुरक्षा और व्यवस्था की थी।
सुरक्षा और श्रद्धा दोनों का संतुलन
देश के प्रमुख ज्योतिर्लिंग स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए हैं। पुलिस बल, स्वास्थ्य सेवाएं, महिला सहायता केंद्र और मार्गदर्शक दल तैनात किए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। श्रावण के पहले दिन ही देशभर में शिवभक्ति की जो लहर दिखी, वह बताती है कि आस्था और परंपरा भारत के जन-मन में कितनी गहराई से रची-बसी है। अब अगले चार सोमवार तक शिवालयों में इसी तरह का उल्लास और श्रद्धा का दृश्य बना रहेगा।