Delhi old vehicle order: राजधानी दिल्ली में पुराने वाहन मालिकों को सिर्फ 4 महीने तक ही राहत मिल पाई है। वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) एक बड़ा कदम उठाया गया है। इसके तहत अब आगामी 1 नवंबर से 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों और 10 साल पुराने डीजल वाहनों को ईंधन नहीं दिया जाएगा। यह प्रतिबंध सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में भी चरणबद्ध रूप से लागू किया जाएगा। हालांकि इस मामले में दिल्ली सरकार आमजनों को राहत देने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक जंग लड़ने का ऐलान कर चुकी है।
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के चलते फैसला
बता दें कि दिल्ली में लगातार प्रदूषण का स्तर खतरनाक होता जा रहा है। ऐसे में पुराने वाहनों पर बैन का यह फैसला लिया गया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के लगातार बढ़ते स्तर को देखते हुए यह कठोर निर्णय लिया है। CAQM की सिफारिशों के आधार पर यह नीति बनाई गई है कि पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को अब पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं मिलेगा। इसके तहत 15 वर्ष से अधिक पुराने पेट्रोल वाहन और 10 वर्ष से अधिक पुराने डीजल वाहनों को हटाने का निर्णय किया गया है।
पेट्रोल-डीजल पंप मालिकों को निर्देश जारी
ये पुराने वाहन अगर अब भी सड़कों पर चल रहे हैं, तो उन्हें न केवल भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है, बल्कि अब उन्हें ईंधन भी नहीं मिलेगा। जिससे वे व्यावहारिक रूप से बंद हो जाएंगे। इस बारे में सभी पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश जारी किए हैं कि वे पुराने वाहनों की पहचान के लिए फिटनेस और रजिस्ट्रेशन डेटा की जांच करें। जल्द ही एक डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किया जाएगा, जिससे वाहन की जानकारी तुरंत सत्यापित की जा सकेगी।
कोर्ट से स्टे था, अब 1 नवंबर से होगा लागू
पहले इस मामले में कोर्ट से स्टे था। मगर अब यह फैसला 1 नवंबर 2025 से प्रभावी रूप से लागू हो जाएगा। प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में इसे एक बड़ा कदम माना जा रहा है। CAQM के मुताबिक, पुराने वाहनों से निकलने वाला धुआं दिल्ली की वायु गुणवत्ता को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। यह नीति पर्यावरण संरक्षण, सार्वजनिक स्वास्थ्य और प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।