Narendra Modi foreign visit: (अकरा): प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उनके “प्रतिष्ठित शासन कौशल और प्रभावशाली वैश्विक नेतृत्व” के लिए घाना के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑफिसर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार ऑफ घाना’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें बुधवार को घाना के राष्ट्रपति जॉन ड्रामानी महामा ने प्रदान किया। इसके साथ ही पीएम मोदी को मिलने वाले कुल अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों की संख्या 24 हो गई है।
पीएम मोदी ने जताया आभार
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’पर लिखा, “‘ऑफिसर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार ऑफ घाना’ से सम्मानित होने पर गर्व महसूस कर रहा हूं। यह सम्मान 140 करोड़ भारतीयों, हमारी युवा शक्ति की आकांक्षाओं, भारत-घाना की ऐतिहासिक साझेदारी और हमारी सांस्कृतिक विविधता को समर्पित है।” उन्होंने कहा कि यह केवल सम्मान नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी भी है भारत और घाना के बीच मजबूत मित्रता को और सशक्त बनाने की।
“भारत हमेशा घाना के साथ खड़ा रहेगा
पीएम मोदी ने कहा कि भारत घाना के साथ एक भरोसेमंद मित्र और विकास सहयोगी के रूप में हमेशा खड़ा रहेगा”। भारत सरकार की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह सम्मान प्रधानमंत्री मोदी को उनके प्रभावी नेतृत्व, वैश्विक योगदान और विकासशील देशों के लिए प्रेरणा बनने के लिए दिया गया है।
घाना पीएम मोदी से पहले इन्हें भी दे चुका सम्मान
पीएम मोदी से पहले घाना इस प्रतिष्ठित सम्मान से पूर्व में इन हस्तियों को सम्मानित कर चुका है।
ब्रिटेन की पूर्व महारानी एलिजाबेथ द्वितीय
दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला
संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव कोफी अन्नान
प्रिंस ऑफ वेल्स के रूप में चार्ल्स तृतीय (अब ब्रिटेन के राजा)
मोरक्को के राजा मोहम्मद चतुर्थ
इटली के पूर्व राष्ट्रपति जियोर्जियो नेपोलिटानो
प्रधानमंत्री की ऐतिहासिक घाना यात्रा
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा तीन दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली घाना यात्रा है। इस दौरान, मोदी और महामा के बीच व्यापक द्विपक्षीय वार्ता हुई, जिसमें दोनों देशों ने आपसी संबंधों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक बढ़ाने का फैसला किया। भारत और घाना के बीच 4 अहम समझौते हुए। मोदी ने कहा कि यह दौरा भारत-घाना संबंधों में एक नई गति और दिशा देगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ‘एक्स’ पर लिखा,”यह घाना और भारत के बीच गहरे और दीर्घकालिक संबंधों का प्रमाण है।”