हरियाणा में मानसून से पहले जल निकासी को लेकर सतर्कता, सीएम नायब सिंह सैनी ने दिए कड़े निर्देश

CM Naib Singh Saini: (चंडीगढ़): हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आगामी मॉनसून सीजन को ध्यान में रखते हुए राज्यभर में जल निकासी की व्यवस्था को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में प्रदेश के सभी जिलों की तैयारियों का जिला उपायुक्तों से फीडबैक लिया गया और उन्होंने जलभराव की समस्याओं से बचने के लिए तत्काल और ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए।

गुरुग्राम, फरीदाबाद जैसे संवेदनशील जिलों पर किया विशेष फोकस

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से उन जिलों का जिक्र किया जहां हर वर्ष भारी बारिश के कारण जलभराव की गंभीर स्थिति उत्पन्न होती है। इनमें गुरुग्राम, फरीदाबाद, अंबाला और कुरुक्षेत्र प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में जल निकासी से संबंधित समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने के लिए एक विशेष कार्य योजना तैयार की जाए और उसकी निगरानी स्वयं जिला प्रशासन करे।

पम्प सेट ड्रेनों की सफाई और ज़मीनी तैयारी पर ज़ोर

मुख्यमंत्री ने बैठक में यह स्पष्ट किया कि जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और सिंचाई विभाग के पास जो पम्प सेट उपलब्ध हैं, वे सभी संचालित अवस्था में रहें। उन्होंने कहा कि इन पम्प सेटों का डेटा एकत्रित किया जाए और सुनिश्चित किया जाए कि आवश्यकता पड़ने पर यह तुरंत उपयोग में लाए जा सकें। इसी के साथ, सभी जिलों में नालों, ड्रेनों और अन्य जल निकासी मार्गों की सफाई का पूरा ब्यौरा लिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सफाई का कार्य सिर्फ कागज़ों तक सीमित न हो, बल्कि ज़मीनी स्तर पर निष्पादन हो और अधिकारी स्वयं निरीक्षण करें।

शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई का निर्देश

मुख्यमंत्री सैनी ने अधिकारियों से कहा कि जल निकासी से जुड़ी शिकायतों का निपटान शीघ्रता और प्राथमिकता के आधार पर हो। नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए तुरंत फील्ड में कार्यवाही होनी चाहिए। उन्होंने सभी जिलों को निर्देश दिए कि यदि किसी क्षेत्र में बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बनती है, तो वहां तुरंत आपातकालीन पम्पिंग टीम, राहत दल और मॉनिटरिंग यूनिट को सक्रिय किया जाए।

बैठक में शामिल रहे वरिष्ठ अधिकारी

इस अहम बैठक में हरियाणा सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। इसमें मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, गृह सचिव सुमिता मिश्रा समेत सभी प्रमुख विभागों के उच्च अधिकारी शामिल रहे। बैठक के दौरान सभी जिलों के डीसी (जिला उपायुक्त) ने अपने क्षेत्रों की तैयारी का विस्तृत विवरण भी प्रस्तुत किया।

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