Narendra Modi foreign visit: अक्करा (घाना): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घाना के राष्ट्रपति जॉन ड्रामानी महामा के साथ अहम वार्ता के बाद कहा है कि भारत और घाना के संबंध अब सिर्फ साझेदारी नहीं रहे, बल्कि भारत घाना की विकास यात्रा का सक्रिय सह-यात्री बन चुका है। यह दौरा पिछले तीन दशकों में भारत के किसी प्रधानमंत्री की पहली घाना यात्रा है, जो दोनों देशों के बढ़ते सहयोग और दोस्ती का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री मोदी का घाना के राष्ट्रपति महामा ने हवाई अड्डे पर परंपरागत तरीके से स्वागत किया। एयरपोर्ट से लेकर वार्ता तक, दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया।
द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य
प्रधानमंत्री मोदी ने मीडिया को बताया कि भारत और घाना ने अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। वर्तमान में भारत घाना के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में से एक है। मोदी ने कहा कि भारतीय कंपनियां घाना में लगभग 900 परियोजनाओं में 2 अरब डॉलर से अधिक का निवेश कर चुकी हैं, जो दोनों देशों के आर्थिक सहयोग को दर्शाता है।
डिजिटल और तकनीकी क्षेत्र में सहयोग
पीएम मोदी ने कहा कि भारत अपनी डिजिटल भुगतान प्रणाली यूपीआई को घाना के साथ साझा करने को तैयार है। इससे घाना के नागरिकों को डिजिटल भुगतान में आसानी होगी, जो वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देगा। इसके अलावा, खनन क्षेत्र में भी दोनों देश सहयोग बढ़ाएंगे। भारत घाना के खनिज संसाधनों की खोज और विकास में मदद करेगा, जिससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
रक्षा और सुरक्षा सहयोग को नया बल
दोनों नेताओं ने आतंकवाद को मानवता का दुश्मन बताया और सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने का संकल्प लिया।पीएम मोदी ने कहा कि रक्षा के क्षेत्र में भारत और घाना “एकजुटता के जरिए सुरक्षा” के मंत्र के साथ आगे बढ़ेंगे। सशस्त्र बलों के प्रशिक्षण, समुद्री सुरक्षा, रक्षा उपकरणों की आपूर्ति और साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत किया जाएगा। इससे दोनों देशों की सुरक्षा क्षमताएं और बढ़ेंगी। पीएम मोदी और महामा ने पश्चिम एशिया और यूरोप में चल रहे संघर्षों पर गंभीर चिंता जताई। दोनों ने जोर दिया कि बातचीत और कूटनीति के माध्यम से ही समस्याओं का समाधान खोजा जाना चाहिए। युद्ध की बजाय शांति और संवाद की जरूरत है
‘ग्लोबल साउथ’ की प्राथमिकताओं में साझेदारी
प्रधानमंत्री मोदी ने घाना को ‘वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ समिट’ में सक्रिय भागीदारी के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि भारत और घाना दोनों ग्लोबल साउथ के सदस्य हैं और इस मंच पर सहयोग को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। पीएम मोदी ने यह भी बताया कि भारत की जी20 अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकी संघ को जी20 की स्थायी सदस्यता मिली, जो दक्षिण-दक्षिण सहयोग की बड़ी सफलता है।
संस्कृति, शिक्षा और स्वास्थ्य में सहयोग
दोनों नेताओं ने चार समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिनमें संस्कृति, पारंपरिक चिकित्सा, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र शामिल हैं। ये समझौते दोनों देशों के बीच सामाजिक और सांस्कृतिक रिश्तों को मजबूत करेंगे और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाएंगे।
विदेश मंत्रालय का बयान
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘दोनों नेताओं ने भारत और घाना के बीच मधुर और समय की कसौटी पर खरे उतरे संबंधों की पुष्टि की तथा प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की।’’ पश्चिम अफ्रीका में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक घाना और भारत के बीच द्विपक्षीय संबंधों की विशेषता मजबूत व्यापारिक और निवेश साझेदारी है। भारत घाना के शीर्ष व्यापारिक साझेदारों में से एक है और घाना के निर्यात के लिए सबसे बड़ा गंतव्य है। साथ ही भारत घाना से बड़े पैमाने पर सोने का आयात करता है।