जम्मू-कश्मीरः पवित्र अमरनाथ यात्रा का शुभारंभ बृहस्पतिवार को आधिकारिक रूप से शुरू हो गया। तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे ने बालटाल और नुनवान आधार शिविरों से पवित्र गुफा मंदिर की ओर प्रस्थान करना शुरू कर दिया है। कड़ी सुरक्षा के बीच इस यात्रा का आगाज हुआ है। देश भर से आने वाले भक्तों का यहां तांता लग रहा है।
3,880 मीटर की ऊंचाई पर अमरनाथ गुफा
अधिकारियों के अनुसार यह 38 दिवसीय यात्रा है। अमरनाथ गुफा जम्मू-कश्मीर की घाटी में दक्षिण कश्मीर के 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। इसके दर्शन हेतु दो प्रमुख मार्गों से यात्रा संचालित की जा रही है। इसमें पारंपरिक नुनवान-पहलगाम मार्ग (अनंतनाग जिला) मार्ग 48 किलोमीटर लंबा है। जबकि बालटाल मार्ग (गांदरबल जिला) मार्ग लगभग 14 किलोमीटर लंबा है। यह छोटा जरूर है, लेकिन अधिक खड़ी चढ़ाई वाला रास्ता है।
घाटी में बम-बम की गूंज
सुबह होते ही महिला, पुरुष, साधु और संतों सहित श्रद्धालुओं के जत्थे आधार शिविरों से “बम बम भोले” के जयकारों के बीच रवाना हुए। स्थानीय प्रशासन और वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में जत्थों को हरी झंडी दिखाई गई। इससे एक दिन पूर्व, जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 5,892 तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को रवाना किया था। यह जत्था दोपहर में घाटी पहुंचा, जहां प्रशासन और स्थानीय लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
हिमलिंग का दर्शन करेंगे शिवभक्त
तीर्थयात्री गुफा मंदिर में उस प्राकृतिक हिमलिंग के दर्शन करेंगे, जो हर वर्ष विशेष काल में बर्फ से स्वतः प्रकट होता है और भगवान शिव के प्रतीक के रूप में पूजा जाता है। यहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस, सीआरपीएफ, आईटीबीपी और अन्य अर्धसैनिक बलों के हजारों जवानों को विभिन्न मार्गों और संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है। यात्रा का समापन 9 अगस्त 2025 को होगा।