C M Rekha Gupta(मथुरा): दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार का प्रमुख लक्ष्य यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त बनाना है। उन्होंने इसके लिए पूर्ववर्ती सरकारों को ज़िम्मेदार ठहराते हुए कहा कि उनकी सरकार नालों की सफाई, कूड़े के पहाड़ हटाने और गोबर से हो रहे प्रदूषण को रोकने के लिए ठोस कदम उठा रही है।
मुख्यमंत्री गुप्ता मथुरा के कोसीकलां कस्बे के पास कमर गांव में दिल्ली के उद्यमियों द्वारा 16 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित 2.5 टन प्रतिदिन क्षमता वाले बायो-सीएनजी संयंत्र के उद्घाटन के अवसर पर बोल रही थीं। उन्होंने कहा कि यह संयंत्र ‘वेस्ट टू वेल्थ’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस सोच को दिल्ली सरकार मजबूती से आगे बढ़ा रही है।
गोबर गैस संयंत्रों की शुरुआत इसी वर्ष
मुख्यमंत्री ने बताया कि गोबर से यमुना नदी में फैल रहे प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार डेयरी कॉलोनियों में आवश्यक सुविधाएं प्रदान करेगी और दो वर्षों में दिल्ली की आवश्यकता के अनुरूप गोबर गैस संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस दिशा में पहला कदम इस वर्ष के अंत तक दो संयंत्रों की स्थापना से शुरू किया जाएगा।
1975 के बाद की डेयरी कॉलोनियों में सुविधाओं का अभाव
संवाददाताओं से बातचीत में मुख्यमंत्री गुप्ता ने बताया कि जब उन्होंने दिल्ली की सड़कों पर गोबर की समस्या को समझने के लिए डेयरी मालिकों से बात की, तो यह सामने आया कि 1975 के बाद बनी अधिकांश डेयरी कॉलोनियों में जरूरी सुविधाएं नहीं दी गईं। इसी कारण अधिकांश डेयरी संचालक अपनी कॉलोनियों में नहीं जाते और गोबर खुले में फेंकते हैं, जिससे न केवल सड़कों पर गंदगी फैलती है बल्कि यह यमुना में प्रदूषण का भी एक बड़ा स्रोत बनता है।
उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पिछली सरकारों ने इन समस्याओं को कभी गंभीरता से नहीं लिया, जिस कारण आज दिल्ली को हर दिन हजारों मीट्रिक टन गोबर और कचरे की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
सफाई और पर्यावरण सुधार की दिशा में कदम
मुख्यमंत्री ने कहा अब दिल्ली सरकार इन समस्याओं की जड़ तक जाकर उनका समाधान निकाल रही है। हम न केवल यमुना को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाएंगे, बल्कि पूरे शहर में कचरे और गोबर के प्रबंधन की आधुनिक व्यवस्था लागू करेंगे। इस मौके पर उत्तर प्रदेश के गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी भी उपस्थित रहे और उन्होंने दिल्ली सरकार की इस पहल की सराहना की।