Himachal Rain and Landslides: (शिमला): हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा और कुल्लू जिलों में बादल फटने और अचानक आई बाढ़ के बाद लापता लोगों की तलाश के लिए शुक्रवार को एक बार फिर से बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), पुलिस और होम गार्ड की टीमें संयोजन में लापता 6 लोगों की तलाश में जुटी हैं।
तेज बहाव में बहने की आशंका
अधिकारियों के मुताबिक, इन सभी लोगों के तेज बहाव में बह जाने की आशंका है। अब तक कांगड़ा जिले में एक जलविद्युत परियोजना स्थल से 5 शव बरामद किए जा चुके हैं। हालांकि, तीन लोग अब भी लापता हैं। कुल्लू जिले में भी रेहला बिहाल क्षेत्र में बादल फटने की घटना के बाद 3 लोग लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है।
चुनौतीपूर्ण बचाव अभियान
कांगड़ा की एडीएम शिल्पा बैक्टा ने जानकारी दी कि खनियारा गांव के पास मनुनी खड्ड में शुक्रवार सुबह 6:30 बजे से अभियान शुरू हुआ, लेकिन रात 9:30 बजे खराब मौसम और दृश्यता के कारण इसे रोकना पड़ा। उन्होंने कहा क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति खराब मौसम और मोबाइल नेटवर्क की अनुपलब्धता अभियान में बड़ी चुनौती बन रही है।
एक महिला की बचाई गई जान
चंबा की रहने वाली लवली नाम की महिला को बचाव दल ने परियोजना स्थल के पास जंगल से सुरक्षित निकाला। उसने बताया कि शिविर में 13 लोग थे, जिनमें से 5 लोग भाग निकले, लेकिन बाकी बह गए। एक श्रमिक दया किशन ने कहा हमने पानी आते देखा और नीचे मौजूद साथियों को चेताया, फिर खुद पहाड़ियों की ओर भागे।”
बारिश के कारण स्थगित था परियोजना कार्य
अधिकारियों के अनुसार, लगातार बारिश के कारण परियोजना कार्य पहले से स्थगित था। श्रमिक अस्थायी शिविरों में आराम कर रहे थे, तभी मनुनी खड्ड और नालों का पानी शिविरों तक पहुँच गया। NDRF कमांडेंट बलजिंदर सिंह ने बताया कि उनकी टीमें बहाव में बहे लोगों की तलाश कर रही हैं।
जनता से अपील
हिमाचल प्रदेश में जारी मौसम की मार और बादल फटने की घटनाएं राज्य के आपदा प्रबंधन की गंभीर परीक्षा बनकर उभरी हैं। प्रशासन और बचाव टीमें जमीनी स्तर पर राहत व तलाश अभियान चला रही हैं, जबकि जनता से अपील की जा रही है कि वे नदी-नालों से दूर रहें और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।