Delhi CM Rekha: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को राजधानी में 33 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और 17 जन औषधि केंद्रों का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उनकी सरकार राष्ट्रीय राजधानी को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में देश की अग्रणी राजधानी बनाना चाहती ह
गुप्ता ने तीस हजारी में एक नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर का उद्घाटन करते हुए कहा, “हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी नागरिक केवल इलाज की अनुपलब्धता के कारण अपनी जान न गंवाए। हम चाहते हैं कि हर नागरिक को समय पर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा मिल सके।”
मोहल्ला क्लीनिक को बताया भ्रष्टाचार का अड्डा
मुख्यमंत्री ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार की “मोहल्ला क्लीनिक” योजना पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि ये क्लीनिक भ्रष्टाचार के अड्डे बन चुके थे। निजी कंपनियों को जांच की जिम्मेदारी सौंपने और किराए पर जगह लेने के नाम पर अनियमितताएं हुईं।”
उन्होने कहा कि केंद्र सरकार ने दिल्ली सरकार को 2,400 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की थी, जिससे 1,100 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोले जा सकते थे, लेकिन पिछले शासन में इस फंड का समुचित उपयोग नहीं किया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि मार्च 2026 तक फंड का उपयोग नहीं हुआ तो यह निष्क्रिय हो सकता है।
स्वास्थ्य सेवाओं में बड़े बदलाव की है तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में स्वास्थ्य सेवाओं को विश्वस्तरीय बनाने के लिए सरकार एक बहुस्तरीय योजना पर काम कर रही है। उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मानकों का हवाला देते हुए बताया कि जहां प्रति 1,000 जनसंख्या पर 2 बिस्तरों की आवश्यकता है, वहीं दिल्ली में यह आंकड़ा अभी 0.42 बिस्तर प्रति 1,000 व्यक्ति है। “हमारा लक्ष्य इसे बढ़ाकर 3 बिस्तर प्रति 1,000 करना है,” उन्होंने कहा।
केंद्र के साथ समन्वय
दिल्ली में भाजपा सरकार बनने के बाद, केंद्र सरकार के साथ प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) को लागू करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किया गया है। यह भाजपा का एक प्रमुख चुनावी वादा था। आयुष्मान आरोग्य मंदिर इसी योजना का हिस्सा हैं और दिल्लीवासियों को मुफ्त प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए इन्हें तेजी से स्थापित किया जा रहा है।
जन औषधि केंद्रों का विस्तार
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि सरकार जन औषधि केंद्रों का तेजी से विस्तार कर रही है ताकि लोगों को सस्ती दरों पर गुणवत्तापूर्ण दवाएं मिल सकें। मंगलवार को उद्घाटन किए गए 17 केंद्र इसी दिशा में एक बड़ा कदम माने जा रहे हैं।