भारत बन रह ऊर्जा का बड़ा हब, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने की ये बड़ी घोषणाएं

मनोहर लाल खट्टर, केंद्रीय मंत्री

Manohar Lal Khattar announcements: केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने 9 जून 2025 को मोदी सरकार के 11 वर्ष पूरे होने पर ऊर्जा क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है, जिसमें ऊर्जा मंत्रालय की भूमिका अहम है। पिछले 11 वर्षों में ऊर्जा क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आए हैं, और अगले 22 वर्षों में यह गति और तेज होगी।

2014 से मोदी सरकार ने बिजली उत्पादन और वितरण पर विशेष ध्यान दिया है। खट्टर ने बताया कि 2013-14 में देश की पीक बिजली मांग 130 गीगावाट थी, जो 2024-25 में बढ़कर 250 गीगावाट हो गई। इस साल यह मांग 270 गीगावाट तक पहुंच सकती है। 9 जून 2025 को रिकॉर्ड 241 गीगावाट की मांग दर्ज की गई। पहले बिजली की कमी (शॉर्टेज) 4.2% थी, जो पिछले साल 0.1% तक कम हुई और अब शून्य हो गई है। यह उपलब्धि बिजली आपूर्ति में आत्मनिर्भरता को दर्शाती है।

ट्रांसमिशन लाइनों में भी जबरदस्त प्रगति हुई है। 2013 में 2.91 लाख सर्किट किलोमीटर की ट्रांसमिशन लाइन थी, जो अब बढ़कर 4.94 लाख सर्किट किलोमीटर हो गई है। स्मार्ट मीटर की स्थापना में भी तेजी आई है। 2023 में प्रतिदिन 4,000 स्मार्ट मीटर लगाए जाते थे, जो अब बढ़कर 1.15 लाख प्रतिदिन हो गए हैं। खट्टर ने घोषणा की कि 31 अगस्त 2025 तक सभी सरकारी कार्यालयों और कॉलोनियों में प्रीपेड बिजली मीटर अनिवार्य होंगे, जिससे बिजली खपत में पारदर्शिता आएगी।

ऊर्जा क्षेत्र में हरित भविष्य की ओर कदम

ऊर्जा क्षेत्र में हरित भविष्य की ओर कदम बढ़ाते हुए, सरकार 2070 तक जीरो कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य हासिल करने के लिए न्यूक्लियर प्रोजेक्ट्स पर जोर दे रही है। थर्मल पावर की जगह न्यूक्लियर ऊर्जा को प्राथमिकता दी जा रही है। इस साल के बजट में न्यूक्लियर प्रोजेक्ट्स के लिए 20,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा, सऊदी अरब और यूएई के साथ संयुक्त उद्यम शुरू किए गए हैं, जिसके तहत 1,400 किलोमीटर और 1,600 किलोमीटर लंबी ट्रांसमिशन लाइनों के जरिए इन देशों को बिजली आपूर्ति की जाएगी। इससे भारत की वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिति मजबूत होगी।

मील का पत्थर साबित होंगी ऊर्जा मंत्रालय की ये पहल

बिजली हानि (पावर लॉस) को कम करने पर भी सरकार का ध्यान है। खट्टर ने कहा कि ट्रांसमिशन और वितरण में होने वाले नुकसान को न्यूनतम करने के लिए तकनीकी उन्नयन और स्मार्ट ग्रिड सिस्टम पर काम चल रहा है। यह कदम बिजली की उपलब्धता और दक्षता को और बेहतर बनाएगा। कुल मिलाकर, मोदी सरकार के नेतृत्व में ऊर्जा क्षेत्र में भारत ने न केवल आत्मनिर्भरता हासिल की है, बल्कि वैश्विक मंच पर भी अपनी पहचान बनाई है। 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए ऊर्जा मंत्रालय की ये पहल मील का पत्थर साबित होंगी।

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