भारत में कोविड-19 के ताजा हालात: मामलों में वृद्धि, सतर्कता जरूरी

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covid-19 update: भारत में एक बार फिर कोविड-19 के मामलों में तेजी देखी जा रही है, जिसने स्वास्थ्य विशेषज्ञों और आम जनता की चिंता बढ़ा दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, 10 जून 2025 तक देश में सक्रिय कोविड-19 मामलों की संख्या 5,364 तक पहुंच गई है। यह आंकड़ा 22 मई को 275 सक्रिय मामलों से 20 गुना से अधिक की वृद्धि दर्शाता है। पिछले 24 घंटों में 564 नए मामले सामने आए हैं, जबकि सात मरीजों की मौत दर्ज की गई है। केरल, महाराष्ट्र, दिल्ली, गुजरात और पश्चिम बंगाल जैसे राज्य इस नई लहर से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, जिसमें केरल में 1,487 सक्रिय मामले हैं।

लापरवाही से बढ़ सकता है संक्रमण फैलने का खतरा

इस वृद्धि के पीछे ओमिक्रॉन के सब-वेरिएंट्स NB.1.8.1 और LF.7 को जिम्मेदार माना जा रहा है, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा ‘मॉनिटरिंग के तहत’ रखे गए हैं। ये वेरिएंट स्पाइक प्रोटीन में बदलाव के कारण अधिक संक्रामक हैं, हालांकि ज्यादातर मामलों में लक्षण हल्के हैं, जैसे बुखार, खांसी और थकान। डॉक्टरों का कहना है कि स्थिति अभी नियंत्रण में है, लेकिन लापरवाही से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है। विशेष रूप से नवजात शिशुओं और बुजुर्गों के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों को ऑक्सीजन सिलेंडर, आइसोलेशन बेड, वेंटिलेटर और जरूरी दवाओं का स्टॉक तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। गंभीर तीव्र श्वसन बीमारी (SARI) और इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (ILI) के मरीजों का कोविड टेस्ट अनिवार्य किया गया है, और पॉजिटिव सैंपल्स को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए ICMR की VRDL लैब्स में भेजा जा रहा है ताकि नए वेरिएंट्स की पहचान हो सके। मध्य प्रदेश में हाल ही में ओमिक्रॉन के दो नए सब-वेरिएंट्स XFG और LF.7.9 की पुष्टि हुई है, जिसके बाद मास्क और सामाजिक दूरी की सलाह दी गई है।

विशेषज्ञों की राय

वैक्सीनेशन अभियान में भारत ने उल्लेखनीय प्रगति की है। 2021 में शुरू हुए कोवैक्सिन और कोविशील्ड के बाद, 2022 में नेजल वैक्सीन को बूस्टर डोज के रूप में शामिल किया गया। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि वैक्सीनेशन के बावजूद मास्क पहनना, हाथ धोना और भीड़ से बचना जरूरी है। दिल्ली में हाल ही में कोविड टेस्टिंग और स्वास्थ्य सुविधाओं पर कोर्ट ने रिपोर्ट मांगी है, जो बढ़ते मामलों के प्रति गंभीरता को दर्शाता है।

सबसे अधिक मामले

केरल में सबसे अधिक 114 नए मामले और 238 रिकवरी दर्ज की गई हैं, जबकि महाराष्ट्र में 526 सक्रिय मामले हैं। मंत्रालय ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील की हैસी है। कुल मिलाकर, स्थिति चिंताजनक है, लेकिन नियंत्रण योग्य है, बशर्ते लोग सावधानी बरतें।

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