Pakistan Spy Arrested (चंडीगढ़): पंजाब पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो पाकिस्तान को संवेदनशील जानकारी भेज रहा था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान जसबीर सिंह के रूप में हुई है। एसएसओसी ने उसके खिलाफ आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम (Official Secrets Act) और भारतीय दंड संहिता की धारा 152/61(2) BNS के तहत मामला दर्ज किया है।
पाकिस्तानी जासूस ने अब तक शेयर की कौन सी अहम जानकारियां
पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रहे जसबीर सिंह से जांच एजेंसियां गहनता पूछताछ कर रही हैं। हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि उसने अब तक कौन-कौन सी गुप्त और अहम सूचनाएं दुश्मन देश को लीक की हैं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस रैकेट में और कौन-कौन शामिल हो सकता है।
पंजाब पुलिस की यह कार्रवाई राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। जो कि यह दर्शाती है कि राज्य पुलिस आतंकवाद और जासूसी गतिविधियों के खिलाफ सक्रिय रूप से काम कर रही है।
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई पर शक
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि गिरफ्तार हुए शख्स से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई मुखबिरी करवा रही थी। फिलहाल सभी एंगल पर गहनता से जांच की जा रही है। मगर जिस तरह से ऑपरेशन सिंदूर के बाद लगातार पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले आरोपियों को लगातार गिरफ्तार किया जा रहा है, उससे साफ है कि अभी इनकी फेहरिस्त और लंबी हो सकती है। ऐसे में यह गिरफ्तारी पाकिस्तान के खुफिया एजेंसी ISI द्वारा भारतीय सुरक्षा प्रतिष्ठानों के खिलाफ की जा रही साजिशों के संदर्भ में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे पहले भी पंजाब में ISI के लिए जासूसी करने वाले कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जो भारतीय सेना और पुलिस की संवेदनशील जानकारी लीक कर रहे थे।
कौन है जसबीर सिंह और कैसे हुई गिरफ्तारी
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि राज्य स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC), मोहाली ने एक महत्वपूर्ण खुफिया सूचना के आधार पर तेज़ी से कार्रवाई करते हुए जसबीर सिंह से जुड़ा एक गंभीर जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। जसबीर सिंह पंजाब के रूपनगर जिले के गांव महलां का रहने वाला है। जसबीर सिंह “जान महल” नामक एक यूट्यूब चैनल चलाता है और वह PIO (पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑपरेटिव) शाकिर उर्फ जट्ट रंधावा के संपर्क में पाया गया है, जो एक आतंक समर्थित जासूसी नेटवर्क का हिस्सा है। वह हरियाणा की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा (जो पहले से जासूसी के आरोप में गिरफ्तार हो चुकी है) और एहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश (एक पाकिस्तानी नागरिक और निष्कासित पाक हाई कमीशन अधिकारी) के भी करीबी संपर्क में था।
पाकिस्तान के नेशनल डे में हिस्सा ले चुका है जसबीर
डीजीपी ने बताया कि जांच में खुलासा हुआ है कि जसबीर सिंह ने दानिश के निमंत्रण पर दिल्ली में आयोजित पाकिस्तान नेशनल डे के कार्यक्रम में हिस्सा लिया था, जहां उसकी मुलाकात पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों और व्लॉगर्स से हुई थी। वह अब तक तीन बार पाकिस्तान की यात्रा कर चुका है (2020, 2021 और 2024 में)। उसके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में कई पाकिस्तान आधारित फोन नंबर पाए गए हैं, जिनकी अब फोरेंसिक जांच की जा रही है।
ज्योति मल्होत्रा की गिरफ्तारी के बाद जासूस मिटाने में जुटा था जसबीर
डीजीपी ने बताया कि ज्योति मल्होत्रा की गिरफ्तारी के बाद जसबीर सिंह ने इन सभी PIOs के साथ अपने संपर्कों के सबूत मिटाने की कोशिश की, ताकि वह जांच एजेंसियों की पकड़ में न आ सके। इस संबंध में मोहाली स्थित SSOC थाने में एक प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच एजेंसियाँ इस व्यापक जासूसी और आतंक नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने और इसमें शामिल सभी सहयोगियों की पहचान करने के लिए कार्यरत हैं। पंजाब पुलिस ने देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने और ऐसे देशविरोधी तत्वों द्वारा पैदा किए जा रहे सभी खतरों को खत्म करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।