Rahul Gandhi Priyanka Gandhi U Turn: कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी उत्तर प्रदेश के संभल नहीं जा सके। यहां उन्हें हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों से मुलाकात करनी थी। उत्तर प्रदेश पुलिस के काफिले ने गाजीपुर बॉर्डर पर कांग्रेस के काफिले को रोक लिया। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर 4 घंटे तक 5 किलोमीटर लंबा जाम लगा रहा। हालांकि, इस दौरान दोनों कांग्रेसी नेता 3 घंटे तक ही रुके। बाद में वह दिल्ली लौट आए।
वहीं, जाम के झाम में फंसे लोग नाराज हो गए और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पीट दिया। इससे पहले नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संभल जाने के लिए पुलिस अधिकारियों से बातचीत की। राहुल गांधी ने बातचीत के दौरान कहा कि मैं अकेला पुलिस की गाड़ी में संभल जाने के लिए तैयार हूं लेकिन अफसर तैयार नहीं हुए।
इसके बाद राहुल गांधी हाथ में संविधान की किताब लेकर गाड़ी पर चढ़ गए और संविधान को लहराने लगे। मीडिया से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि जनता की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। एक जनप्रतिनिधि के रूप में किसी का भी हालचाल जानने की आजादी है लेकिन योगी सरकार प्रदेश में तानाशाही चला रही है। आगे उन्होंने कहा कि वह अब 6 दिसंबर को संभल जाएंगे।
हिंसा में चार लोगों की हुई थीं मौत
बता दें कि, अदालत के निर्देश पर 24 नवंबर को जामा मस्जिद का सर्वे किया जा रहा था। इस दौरान हिंसा भड़क गई थी, जिसमें गोली लगने से चार युवकों की मौत हो गई थीं। इससे पहले, शनिवार को सपा और रविवार को कांग्रेस के डेलिगेशन ने भी संभल जाने का ऐलान किया था। हालांकि, पुलिस ने जगह-जगह घेराबंदी करके किसी को संभल नहीं जाने दिया।
वहीं, आज इलाहाबाद हाईकोर्ट में संभल हिंसा से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकी। चीफ जस्टिस कोर्ट ने साफ किया कि केस की गलत लिस्टिंग हो गई है। यह एक क्रिमिनल PIL है। अब नई बेंच याचिका पर सुनवाई करेगी।