PM Modi on Terrorism: भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रूस के कजान में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि भारत युद्धा का नहीं बल्कि कूटनीती और संवाद का समर्थन करता है। साथ ही उन्होंने चीन और रूस जैसे बड़े देशों के राष्ट्रपतियों के सामने आतंकवाद पर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के मुद्दे पर लोगों का दोहरा रवैया नहीं चलेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा, “हमारी बैठक एक ऐसे समय में हो रही है जब विश्व युद्धों, संघर्षों, आर्थिक अनिश्चितता, क्लाइमेट चेंज, आतंकवाद जैसी अनेक चुनौतियों से घिरा हुआ है। विश्व में नॉर्थ-साउथ और पूर्व-पश्चिम डिवाइड की बात हो रही है। महंगाई की रोकथाम, फ़ूड सिक्योरिटी, एनर्जी सिक्योरिटी, हेल्थ सिक्योरिटी, वाटर सिक्योरिटी, सभी देशों के लिए प्राथमिकता के विषय हैं और टेक्नोलॉजी के युग में साइबर सिक्योरिटी, डीप फेक, डिसइन्फॉर्मेशन जैसी नई चुनौतियां बन गई हैं। ऐसे में, ब्रिक्स को लेकर बहुत अपेक्षाएं हैं।
आगे प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि, आतंकवाद और टेरर फाइनेंनसिंग से निपटने के लिए हम सभी को एक मत होकर दृढ़ता से सहयोग देना होगा। ऐसे गंभीर विषय पर दोहरे मापदंड के लिए कोई स्थान नहीं है। हमारे देशों के युवाओं में कट्टरता को रोकने के लिए हमें सक्रिय रूप से कदम उठाने चाहिए। यूएन में अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक अभिसमय के लंबित मुद्दे पर हमें मिलकर काम करना होगा।
मेरा मानना है कि एक विविध और समावेशी प्लेटफॉर्म के रूप में ब्रिक्स सभी विषयों पर सकारात्मक भूमिका अदा कर सकता है। इस संदर्भ में हमारी approach people centric रहनी चाहिए। हमें विश्व को यह संदेश देना चाहिए कि ब्रिक्स विभाजनकारी नहीं, जनहितकारी ग्रुप है। पीएम ने कहा कि हम युद्ध नहीं, डायलॉग और डिप्लोमेसी का समर्थन करते हैं और जिस तरह हमने मिलकर कोविड जैसी चुनौती को परास्त किया। उसी तरह हम भावी पीढ़ी के सुरक्षित, सशक्त और समृद्ध भविष्य के लिए नए अवसर पैदा करने में पूरी तरह सक्षम हैं।
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