Kolkata Rape Case: कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में ट्रेनी डॉक्टर के साथ हुए बलात्कार और हत्या के मामले में छात्र और मजदूर संगठनों ने नबन्ना सचिवाल को घेरने के लिए प्रदर्शन शुरू कर दिया है। नबन्ना सचिवालय में ममता बनर्जी और सरकार के सभी मंत्री बैठते हैं। पश्चिम बंग छात्र समाज और संग्रामी जौथा मंच ने नबन्ना अभिजन रैली कर रहे हैं। इन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे की मांग की है।
प्रदर्शनकारी कॉलेज स्क्वॉयर, संतरागाछी और हावड़ा मैदान में जुटेंगे। दोपहर एक बजे नबन्ना पहुंचेंगे और प्रदर्शन करेंगे। प्रदेश की पुलिस ने हिंसा का हवाला देते हुए रैली को गैरकानूनी बताया है। प्रदर्शनकारियों को नबन्ना जाने से रोकने के लिए 7 रूट पर तीन लेयर में 6 हजार की फोर्स तैनात की है। 19 पॉइंट्स पर बैरिकेंडिंग और 21 पॉइंट्स पर डीसीपी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा हावड़ा ब्रिज को बंद कर दिया है।
पुलिस ने मार्च की निगरानी के लिए ड्रोन की मदद ली जा रही है। वॉटर कैनन, वज्र वाहन और क्विक रिस्पॉन्स टीम टीम भी तैनात है। राज्य सचिवालय नबन्ना के पास भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 163 (CrPC की धारा 144) लगा दी गई है। यहां एक साथ 5 से ज्यादा लोग नहीं जुटेंगे।
पश्चिम-बंगाल के राज्यपाल सर सीवी आनंद बोस ने सरकार से कहा है कि प्रदर्शनकारियों पर शक्ति का इस्तेमाल नहीं किया जाए। लोकतंत्र में आक्रोश जताने का अधिकार सभी को है। लोकतंत्र में मौन बहुमत हो सकता है लेकिन खामोश बहुत नहीं। प्रदेश की सरकार इसे याद रखें। राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने कहा- ‘मैं सरकार से सुप्रीम कोर्ट के कड़े फैसले को याद रखने का आग्रह करूंगा।
एडीजी (कानून और व्यवस्था) मनोज वर्मा का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान उपद्रवी अराजकता भड़काने की कोशिश करेंगे, ऐसी खुफिया जानकारी मिली है। इसलिए राज्य सरकार ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 163 (CrPC की धारा 144) के तहत नबन्ना (राज्य सचिवालय) के पास निषेधाज्ञा लागू कर दी है। इसके जिसके तहत पांच या उससे ज्यादा लोग यहां इकट्ठा नहीं हो सकते। अगर प्रदर्शनकारी हिंसा करेगा तो सुरक्षा बल सख्ती से निपटने के लिए बाध्य होगा।
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