Himachal Uttarakhand Cloud Brust: देश के कई राज्यों में इस समय मानसूनी बारिश झमाझम हो रही है तो कई राज्यों में भूस्खलन और बादल फटने से भी हाहाकार मचा हुआ है। केरल, हिमाचल और उत्तराखंड में तेज बारिश की वजह से जान-माल का जबरदस्त नुकसान हुआ है। केरल में तेज बारिश के कारण हुए भूस्खलन से 300 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई।
हिमाचल की तरह उत्तराखंड में भी हालत भयावह है। टिहरी और केदारनाथ के भीमबली में भी बादल फटने से अफरातफरी मची हुई है। बुधवार को हिमाचल में मंडी, शिमला समेत तीन जगहों पर बादल फटा और तीन लोगों की मौत हो गई। साथ ही कई लोग लापता है।
मंडी, शिमला कुल्लू में बादल फटने से कई घर, स्कूल, अस्पताल क्षतिग्रस्त हो गए। वहीं, शिमला के रामपुर के झाकड़ी में बादल फटने के बाद समेज खड्ड में बाढ़ आ गई, जिसकी वजह से 22 लोग लापता हो गए। इसके अलावा, मंडी के द्रंग विधानसभा क्षेत्र के धम्चयाण पंचायत के राजवन गांव में बादल फटने से बाढ़ आ गई। इन तीन जिलों में राहत-बचाव का कार्य जारी है।
हिमाचल में मौसम का हाल?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, हिमाचल के लिए अभी तीन दिन और भारी हैं। प्रदेश में कई स्थानों पर बहुत भारी वर्षा का आरेंज अलर्ट जारी किया गया है। पांच जिलों कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, चंबा और सिरमौर में अचानक बाढ़ आने की चेतावनी जारी की है। भारी बारिश के कारण नदियां, नाले और नहरें उफान पर हैं।
6 जिलों कांगड़ा, ऊना, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर में कुछ स्थानों पर बहुत भारी वर्षा का आरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने आगामी तीन दिन में भारी वर्षा के कारण भूस्खलन और कच्चे घरों को नुकसान की आशंका जताई है। गंगा नदी खतरे के निशान पर पहुंच गई है।
उत्तराखंड में त्राहिमाम-त्राहिमाम
उत्तराखंड के टिहरी जिले के घनसाली में बादल फटने से दो लोगों की मौत हो गई। वहीं, केदारनाथ पैदल मार्ग में भीम बली के गदेरे में भी बादल फटा, जिसकी वजह से रास्ते में काफी मलवा जमा हो गया है। पैदल मार्ग का करीब 30 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिसकी वजह से पैदल मार्ग पर आवाजाही बंद कर दी गई है।