Adhir Ranjan Chowdhury Resign: कांग्रेस पार्टी से अलग-थलग चल रहे दिग्गज नेता और पूर्व सांसद अधीर रंजन चौधरी ने पश्चिम-बंगाल प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने यह घोषणा आज कांग्रेस कमेटी की राज्य इकाई की बैठक के बाद की। यह बैठक लोकसभा चुनावों में पश्चिम-बंगाल में पार्टी के खराब प्रदर्शन के कारणों की समीक्षा के लिए बुलाई गई थी। जिसके बाद रंजन ने इस पद के बाद इस्तीफा दे दिया। हालांकि, पार्टी आलाकमान ने इस्तीफा स्वीकार किया या नहीं किया इसकी अभी तक कोई पुष्टि नहीं हुई।
लोकसभा चुनाव 2024 में बंगाल में लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन काफी खराब रहा था। हालांकि, कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की ओर से इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि उनका इस्तीफा स्वीकार किया गया है या नहीं। अपने इस्तीफे की पुष्टि करते हुए अधीर रंजन चौधरी ने दावा किया कि वह सिर्फ कांग्रेस की राज्य इकाई के अध्यक्ष थे।
इसके बाद उन्होंने मल्लिकार्जुन खरगे पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब से मल्लिकार्जुन खरगे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं, तब से कोई प्रदेश अध्यक्ष नहीं है। चौधरी ने आगे कहा कि जब पूर्णकालिक अध्यक्ष की नियुक्ति होगी तो आप सभी को पता चल जाएगा। तृणमूल के साथ कांग्रेस के रिश्तों के मुद्दे पर अधीर रंजन चौधरी के पार्टी आलाकमान के साथ मतभेद काफी समय से सामने आ रहे थे। दरअसल, खरगे के साथ उनके मतभेद लोकसभा चुनावों के दौरान सामने आए थे।
युसुफ पठान से हारे चौधरी
मुर्शिदाबाद जिले के बहरामपुर निर्वाचन क्षेत्र से पांच बार पार्टी के लोकसभा सांसद रहे चौधरी को इस बार तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार और भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी रहे यूसुफ पठान ने हरा दिया। युसुफ पठान का यह पहला चुनाव था और पठान ने इससे पहले कभी राजनीति में कदम नहीं रखा था। युसुफ पठान भारतीय क्रिकेट टीम में बतौर ऑलराउंडर खेल चुके हैं। कई अहम मौकों पर टीम को भी जीत दिलाई है।