Haryana Crisis: हरियाणा में मंगलवार सुबह एकदम से सियासी हलचल तेज हो गई। सीएम मनोहर लाल और डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। इसी के साथ बीजेपी-जेजेपी गठबंधन टूट गया और दोनों दलों के अलग-अलग लोकसभा चुनाव लड़ने की तस्वीर साफ हो गई। मनोहर लाल के इस्तीफे के बाद बीजेपी ने दो पर्यवेक्षक केन्द्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा और अरुण चुग को नियुक्त किया और चंडीगढ़ भेज दिया।
पर्यवेक्षकों की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में विधायक दल की बैठक शुरू हो गई। बैठक में नए सीएम के नाम का ऐलान किया जाएगा। कयास लगाए जा रहे हैं कि प्रदेश अध्यक्ष नायब सैनी और करनाल सांसद संजय भाटिया में से किसी एक को सीएम बनाया जा सकता है। इसके इतर शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने दावा किया कि मनोहर लाल तीसरी बार सीएम पद की शपथ लेंगे।
प्रदेश के सियासी घटनाक्रम पर कांग्रेस नेता दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि आज के घटनाक्रम पर मैंने तीन महीने पहले सिरसा में रिएक्शन दे दिया था। मैंने प्रदेश वासियों को बता दिया था कि बीजेपी-जेजेपी में समझौता तोड़ने का अघोषित समझौता हो गया है। इस बार बीजेपी के इशारे पर जेजेपी और आईएनएलडी वाले कांग्रेस की वोट में सेंध मारने फिर आएंगे।
बैठक में नहीं बुलाए गए जेजेपी विधायक
जानकारी के लिए बता दें कि, हरियाणा के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कल देर रात केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने एक से दो सीटें मांगी थी। सूत्रों के अनुसार, बीजेपी आलाकमान ने उन्हें कहा कि जो गठबंधन का आगे विचार होगा, उससे अवगत कराया जाएगा।
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आज चंडीगढ़ में बीजेपी विधायकों के साथ निर्दलीय विधायकों की जो बैठक बुलाई गई, उसमें गठबंधन में शामिल जेजेपी विधायकों को नहीं बुलाया गया। अब तस्वीर साफ है कि प्रदेश में नई सरकार का गठन होगा और निर्दलीय विधायकों के साथ बीजेपी एक बार फिर से सरकार बनाने जा रही है। इस सरकार को जेजेपी का समर्थन नहीं रहेगा।