Loksabha Chunav Jayant Sinha: आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारियां सभी दल जोरो शोरो से कर रहे हैं। बीजेपी चुनाव को लेकर पूरी तरह से एक्टिव मोड में है। बताया जा रहा है कि बीजेपी ने अपने 200 प्रत्याशियों के नाम फाइनल कर लिए है। इससे पहले बीजेपी को शनिवार को दो बड़े झटके लगे है। पहले पूर्व भारतीय क्रिकेटर गौतम गंभीर ने राजनीतिक को छोड़ने का ऐलान किया।
अब हजारीबाग से सांसद जयंत सिन्हा ने चुनावी दायित्वों से मुक्ति की मांग की है। शनिवार को ट्वीट करके उन्होंने कहा कि, मैंने पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुझे मेरे प्रत्यक्ष चुनावी कर्तव्यों से मुक्त करने का अनुरोध किया है जिससे मैं भारत और दुनियाभर में वैश्विक जलवायु परिवर्तन से निपटने पर अपने प्रयासों पर ध्यान केंद्रित कर सकूं।
मैं आर्थिक और शासन संबंधी मुद्दों पर पार्टी के साथ काम करना जारी रखूंगा। मुझे बीते 10 सालों में भारत और हज़ारीबाग़ के लोगों की सेवा करने का सौभाग्य मिला है। इसके अलावा, मुझे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी नेतृत्व द्वारा प्रदान किए गए कई अवसरों का आशीर्वाद मिला है। उन सभी के प्रति मेरी हार्दिक कृतज्ञता. जय हिन्द।
दो बार चुने गए संसद
बता दें कि, फरवरी में जयंत सिन्हा को सर्वश्रेष्ठ सांसद का पुरस्कार दिया गया था। जयंत अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में मंत्री रहे यशवंत सिन्हा के बेटे हैं। मई 2014 में, वह झारखंड के हज़ारीबाग़ से भारतीय जनता पार्टी का प्रतिनिधित्व करते हुए लोकसभा के लिए चुने गए थे। साल 2019 के आम चुनावों में, सिन्हा रिकॉर्ड बहुमत के साथ उसी निर्वाचन क्षेत्र से फिर से संसद सदस्य चुने गए।
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सिन्हा के पूर्व व्यावसायिक अनुभव में मैकिन्से एंड कंपनी के बोस्टन और दिल्ली कार्यालयों में भागीदार के रूप में 12 साल सम्मिलित है। मैकिन्से में, सिन्हा ने वैश्विक सॉफ्टवेयर और आईटी सेवा अभ्यास का सह-नेतृत्व किया है। वह हाल ही में ओमिडयार नेटवर्क में भागीदार थे। सिन्हा ने भारत में ओएन की समग्र निवेश रणनीति और संचालन का नेतृत्व किया। उन्होंने वैश्विक विशेष परिस्थितियों वाले हेज फंड, करेज कैपिटल में प्रबंध निदेशक के रूप में भी कई साल बिताए।