Ind vs Eng Ranchi Test: राजकोट के बाद रांची टेस्ट में भी भारत ने 5 विकेट से जीत हासिल की है। चौथी पारी में शुभमन गिल नाबाद 52 रन और ध्रुव जुरैल नाबाद 39 रनों की पारी की मदद से भारत ने यह जीत हासिल की है। 5 विकेट खोकर बीच भंवर में फंसी भारत की नैय्या को दोनों युवा बल्लेबाजों ने नाबाद छठे विकेट के लिए 72 रनों की साझेदारी करके बाहर निकाला। रांची टेस्ट जीत के साथ ही भारत ने पांच मैचों की सीरीज पर 3-1 से अजय बढ़त बना ली।
रांची टेस्ट मैच में इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था। इंग्लैंड की पहली पारी 353 रन पर ऑलआउट हुई थी। इंग्लैंड की ओर से जो रूट ने पहली पारी में शानदार शतक ठोका था। इसके जवाब में भारत की पहली पारी 307 रनों पर सिमट गई थी।
पहली पारी में मेहमान टीम को 46 रनों की बढ़त हासिल हुई थी। दूसरी पारी में अंग्रेज टीम माज्ञ 145 रनों पर ढेर हो गई। भारत को चौथी पारी में जीतने के लिए 192 रनों का लक्ष्य दिया। भारतीय टीम ने 61 ओवर में पांच विकेट खोकर लक्ष्य हासिल किया और इंग्लैंड के 12 साल के सीरीज जीतने की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
192 रनों का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने तीसरे दिन स्टंप्स तक बिना किसी नुकसान के 40 रन बना लिए थे। रांची टेस्ट के चौथे दिन भारत ने अपनी पारी इसी स्कोर से आगे बढ़ाई। यशस्वी जायसवाल (37) और कप्तान रोहित शर्मा (55) ने पहले विकेट के लिए 84 रनों की साझेदारी की। जो रूट ने जायसवाल को शॉर्ट थर्ड मैन पर जेम्स एंडरसन के हाथों कैच आउट कराकर इस साझेदारी को तोड़ा।
पाटीदार ने किया निराश
इसके बाद रोहित शर्मा भी अपना अर्धशतक पूरा करने के बाद हार्टली की गेंद पर स्टंपिंग आउट हो गए। रोहित शर्मा ने 81 गेंदों में 5 चौके और एक छक्के की मदद से 55 रन बनाए। रजत पाटीदार ने एक बार फिर निराश किया और बिना खाता खोले शोएब बशीर की गेंद पर ओली पोप को कैच थमाकर पवेलियन लौट गए।
गिल और जुरैल का धमाका
रवींद्र जडेजा (4) और सरफराज खान को बशीर ने लगातार दो गेंदों में आउट करके भारत की मुश्किलें बढ़ा दी। 120 रनों पर भारत के 5 विकेट गिरने के बाद भारत एक समय संघर्ष कर रहा था। इसके बाद यहां दो युवा बल्लेबाजों ने शानदार खेल दिखाया। शुभमन गिल 52 और ध्रुव जुरैल 39 ने नाबाद 72 रनों की साझेदारी कर टीम की नैय्या को पार लगाया।
बता दें कि, अब सीरीज का आखिरी मैच धर्मशाला में खेला जाएगा। 7 मार्च को होने वाला यह मैच अब औपचारिक मात्र रह गया है। हालांकि, इस मैच को जीतकर इंग्लैंड अपना मान सम्मान बचाने की कोशिश करेगा। बैजबॉल क्रिकेट खेलने के लिए मशहूर इंग्लैंड इस पूरी सीरीज में अपना स्वभाविक खेल नहीं दिखा सका है।