Haryana: कांग्रेस के अविश्वास पर भारी पड़ा मनोहर लाल का शायराना विश्वास…

संतोष कुमार सिंह

चंडीगढ़: हरियाणा में विधानसभा सत्र में कांग्रेसी अविश्वास पर आंकड़े इस बात की तस्दीक कर रहे थे कि जीत सरकार की होगी। और आज जब कांग्रेसी अविश्वास पर मनोहर लाल जवाब देने के लिए खड़े हुए तो अंदाज शायराना था। 

क्या कहा मुख्यमंत्री ने

महफ़िल में चल रही थी, मेरे कत्ल की तैयारी, उसके लिए अविश्वास प्रस्ताव लाया गया। लेकिन चर्चा करते करते बोले बहुत लंबी उम्र है तुम्हारी। मिलकर बैठ गए मजलिश में जुगनू सारे और एलान हुआ कि सूर्य को बदला जाएगा। और आखिरकार सदन के अंदर और बाहर भी विपक्ष ने नंबर गेम मानी और हार मानी।

मुख्यमंत्री ने कसा तंज..हर बार लाओ अविश्वास

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब 2021 में अविश्वास प्रस्ताव लाया था तब भी मैनें कहा था कि हर 6 महीने में अविश्वास प्रस्ताव लाया करो ताकि हमारी बात भी विपक्ष सुने। पहले ही मान लेना कि हमारे पास आंकड़े तो है नही।इस सत्र के बाद अगले हफ्ते चुनाव से पहले जब सत्र होगा तब फिर अविश्वास प्रस्ताव ले आना। पिछली बार जब अविश्वास प्रस्ताव लेकर आये थे तब मुझे गंभीरता दिखी थी। लेकिन अब पानी पी पी पीकर मुझे कोसना और बुखार चढ़ाकर के मुझे कोसते रहे। एक बात मानता हूं कि ओमिशन और कमिशन होती है। नियत का सवाल होता है किस नियत से ओमिशन और कमिशन होती है।

अगर किसी की नीयत में खराबी है तो वर्णन करके उसे माफ नही किया जा सकता। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हमारे समय मे भी अगर गलती हुई तो उसपर एक्शन भी लिया गया। लेकिन कांग्रेस ने गलतियों को अपने कार्यकाल में छिपाने का काम किया। उन्होंने कहा कि घोटालों की बहुत बात की लेकिन देश की आजादी के बाद के घोटालों की बात करे तो उसकी फेहरिस्त बहुत लंबी है।

और फिर शायराना हुए मुख्यमंत्री…गिनाई कांग्रेस की कारगुजारी

जिसके घर शीशे के होते है वह दूसरे के घरों पर शीश नही मरता।

आज भी हरियाणा में एजीएल का घोटाला चल रहा है। इंडस्ट्रियल प्लॉट्स के घोटाले आज भी चल रहे है। जमीन को छोड़ने का विषय आया, लेकिन जमीन छोड़ने का भी प्रावधान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर की कोर्ट की जजमेंट से जो फैसला आया कि सरकार को जमीन छोड़नी नही चाहिए। उसके बाद हमनें जमीन नही छोडी। जमीन किस नियत से छोड़ी जा रही हैं इसका भी ध्यान रखना चाहिए।

अविश्वास कांग्रेस की सोच और संस्कृति

कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव का मामला है यह सोच और संस्कृति क्यों बनी है क्योंकि इनके घर मे भी होड़ लगी हुई है। मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि  जब धारा 370 हटाई गई तब भी कांग्रेस को विश्वास नही हुआ। नैतिकता के आधार पर सरकार के विजन पर चर्चा होनी चाहिए थी। 3 तलाक की बात की गई, राम मंदिर की बात की गई तब भी कांग्रेस को विश्वास नही हुआ।

Read Also: Haryana: मनोहर लाल पेश कर सकते हैं मनोहारी बजट…विपक्ष के मंसूबों पर फिर सकता है पानी

नारों के भरोसे कांग्रेस

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सिर्फ नारे देती है गरीब की हालत के बारे कभी कांग्रेस ने सोचा ही नहीं। 1970 में नारा चला गरीबी हटाओ, लेकिन गरीबी हटी नहीं। जबकी कांग्रेस और सरकार उस समय एक दूसरे के पूरक थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज आमजन को पता है कि कौन गरीबी हटाएगा। आज जनता जागरूक है नारों और स्लोगन से  जनता नहीं मानेगी।

जवाब से असंतुष्ट रही कांग्रेस

मुख्यमंत्री के अविश्वास प्रस्ताव पर दिए जा रहे जवाब से कांग्रेस ने जताई असंतुष्टि और सदन से वॉक आउट कर गये। इस बाबत कृषि मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि कांग्रेस द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर जब वोटिंग शुरू हुई तो वे चले गये।

जनता हमारे साथ है, सरकार अच्छा काम कर रही है। किसान आंदोलन पर दलाल ने कहा कि किसी भी किसान या सुरक्षा बल का घायल होना या मारा जाना अच्छी बात नहीं है। किसान बातचीत करें तो ही समाधान हो सकता है और केंद्र सरकार भी बात कर रही है।

Read Also: IPL 2024 Schedule Announcement: CSK और RCB के बीच इस तारीख को खेला जाएगा पहला मैच, जानिए पूरा शेड्यूल

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *