Loksabha Chunav 2024: आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारियों में सभी सियासी दल जुटे हैं। सीटों के समीकरणों को ध्यान में रखकर गठबंधन किया जा रहा है। देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में विपक्षी दलों की निगाहें टिकी है। राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा इस समय उत्तर प्रदेश में है। कांग्रेस के दुर्ग कहे जाने वाली लोकसभा सीट अमेठी और रायबरेली में समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के शामिल होने की संभावना पर सस्पेंस गहरा गया है।
दोनों दलों के बीच सीट शेयरिंग पर रार चल रही है। अखिलेश यादव अमेठी में इस यात्रा का हिस्सा नहीं बने। सूत्रों की मानें तो अखिलेश यादव रायबरेली में भी इस यात्रा में शामिल नहीं होंगे। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि अखिलेश यादव ने एक दिन पहले ही दो टूक कह दिया था कि अगर कांग्रेस के साथ गठबंधन फाइनल नहीं हुआ तो वह राहुल गांधी के साथ रायबरेली की यात्रा में शामिल नहीं होंगे।
सीटों पर रार
कहा जा रहा था कि रायबरेली और अमेठी में राहुल गांधी और अखिलेश यादव दोनों के पास एकजुटता दिखाने का शानदार मौका था। लेकिन सीटों पर चली रार के बीच अब तक ऐसा नहीं हो पाया है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस मुरादाबाद, बलिया और बिजनौर की सीटें मांग रही है लेकिन सपा इन सीटों पर समझौते के मूड में नहीं है।
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गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव को देखते हुए सपा ने कांग्रेस को 17 लोकसभा सीटों का फाइनल ऑफर भी दे दिया था। कांग्रेस और सपा नेताओं के बीच सोमवार देर रात तक बातचीत हुई लेकिन सीटों पर सहमति नहीं बन पाई। सीटों पर सहमति नहीं बनने पर इसका असर दोनों दलों के रिश्ते और न्याय यात्रा पर पड़ता हुआ दिखाई दे रहा है।
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