Jharkhand Politics Crisis Heman Soren: बिहार में बीते दिन पहले महागठबंधन की सरकार गिर गई और नीतीश कुमार ने बीजेपी के साथ हाथ मिलाकर फिर सरकार नई सरकार बना ली। बीजेपी और जेडीयू ने सरकार बनाने के लिए विधायकों की संख्या बल का आसानी से जुगाड़ कर लिया। नीतीश कुमार एक बार फिर से विधायक दल के नेता चुने गए और बिहार के सीएम के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली।
बिहार के राज्यपाल राजेन्द्र आर्लेकर बीजेपी-जेडीयू की सरकार बनाने को लेकर संतुष्ट दिखे। बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में एक बार फिर से बीजेपी जेडीयू के गठबंधन की सरकार बनाने की अनुमति दे दी। नीतीश कुमार सुबह 10 बजे इस्तीफा देकर शाम 5 बजे एक बार फिर से बिहार के सीएम बन गए।
झारखंड में पैदा हुई बिहार जैसी स्थिति
बिहार में 28 जनवरी को हुए सियासी उलटफेर के बाद तीन दिन बाद लगभग ऐसी ही स्थिति पड़ोसी राज्य झारखंड में पैदा हुई। हालांकि, झारखंड में सरकार गिरने की वजह अलग रही। लेकिन यहां भी पहले हेमंत सोरेन को इस्तीफा देना पड़ा। इसके पहले झारखंड मुक्ति मोर्चा (झेएमएम) विधायक दल की बैठक हुई।
बैठक में चंपई सोरेन को झामुमो विधायक दल का नेता चुना गया। चंपई सोरेन 43 विधायकों के समर्थन के साथ राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन के पास सरकार बनाने का दावा करने के लिए गए। उन्होंने विधायकों के समर्थन की चिट्ठी राज्यपाल को सौंपी। लेकिन राज्यपाल ने अभी तक सरकार बनाने का न्यौता चंपई सोरेन का नहीं सौंपा है। बताया जा रहा है कि राज्यपाल की चंपई सोरेन के साथ मुलाकात नहीं हो सकी।
चंपई सोरेन को न्यौते का इंतजार
बिहार में नई सरकार का गठन का सीन झारखंड से बिल्कुल है क्योंकि सुबह 10 बजे इस्तीफा होने के बाद शाम 5 बजे नई सरकार का गठन हो गया था। इधर झारखंड में चंपई सोरेन राज्यपाल के न्यौते का इंतजार कर रहे हैं। चंपई सोरेन ने कहा कि वे सरकार बनाने के लिए राज्यपाल के न्यौते का इंतजार कर रहे हैं।
चंपई सोरेन का कहना है कि 81 सदस्यों वाली विधानसभा में उनके पास 47 विधायकों का समर्थन है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के बाद जेएमएम के नेता चुने गए चंपई सोरेन ने कहा कि राजभवन को नींद से जगना चाहिए। हम सरकार बनाने का दावा पेश कर रहे हैं।
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