Ayodhya: कलयुग में त्रेतायुग…सजधजकर तैयार हुई रामनगरी…हर कोई निहार रहा मंदिर की अनुपम छटा, जानिए रामलला धाम की खात बातें

Ram Mandir Pran Pratishtha: रामनगरी अयोध्या सजधजकर पूरी तरह तैयार है। कुछ समय बाद रामलला नवीन विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा समारोह आरंभ होने वाला है। प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ अयोध्या पहुंच चुके हैं। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का इंतजार किया जा रहा है। देशभर में हर्षोउल्लास का माहौल है। देश के कोने-कोने में रामभक्त रामभक्ति में डूबे हुए हैं।

नागर शैली में बने राम मंदिर की छटा देखते ही बन रही है। हर कोई मंदिर को निहारते रह जा रहा है। मैसूर के प्रसिद्ध मूर्तिकार अरुण योगीराज ने रामलला की 51 इंच की मूर्ति को बनाकर तैयार किया है। ‘प्राण प्रतिष्ठा’ के लिए चौदह जोड़े यजमान होंगे। एक दिन बाद यानी 23 जनवरी से मंदिर को आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।  

प्राण प्रतिष्ठा समारोह दोपहर 12.20 बजे शुरू होगा और दोपहर 1 बजे तक समाप्त होने की उम्मीद है। समारोह के बाद पीएम मोदी कार्यक्रम स्थल पर संतों और प्रमुख हस्तियों समेत करीब 7,000 से ज्यादा लोगों की एक सभा को संबोधित करेंगे। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुसार, रविवार को राम लला की मूर्ति को विभिन्न तीर्थ स्थलों से लाए गए औषधीय और पवित्र जल से भरे 114 घड़ों से स्नान कराया गया।

रामलला की मूर्ति को आज ‘मध्याधिवास’ में रखा गया। चेन्नई, पुणे समेत कई जगहों से आए फूलों से अनुष्ठान किया जा रहा है। अभिषेक अनुष्ठान 16 जनवरी को सरयू नदी से शुरू हुआ और सोमवार दोपहर ‘अभिजीत मुहूर्त’ में पूरा होगा। प्राण प्रतिष्ठा के लिए शुभ मुहूर्त करीब 84 सेकंड का होगा। अब आपको मंदिर से जुड़ी खास बातें बताते हैं।

Read Also: Ayodhya Pran Pratishtha: बस कुछ समय का इंतजार…सज गई रामनगरी, आज राम आएंगे

राम मंदिर को नागर शैला में बनाया है। मंदिर में पूर्व दिशा से प्रवेश कर पाएंगे और दक्षिण दिशा से निकास होगा। मंदिर की अधिरचना तीन मंजिला होगी। श्रद्धालु पूर्वी दिशा से 32 सीढ़ियां चढ़कर मुख्य मंदिर में पहुंचेंगे।

मंदिर की लंबाई (पूर्व से पश्चिम) 380 फीट, चौड़ाई 250 फीट और ऊंचाई 161 फीट रहेगी। मंदिर तीन मंजिला रहेगा। प्रत्येक मंजिल की ऊंचाई 20 फीट की रहेगी। मंदिर में कुल 392 खंभे और 44 द्वार होंगे।

रामलला मंदिर में पांच मंडप होंगे। इनमें नृत्य मंडप, रंग मंडप, सभा मंडप, प्रार्थना मंडप और कीर्तन मंडप नाम रखा गया। ग्राउंड फ्लोर पर गर्भगृह में भगवान श्रीराम विराजेंगे। पहली मंजिल पर भगवान राम का पूरा दरबार सजाया जाएगा। खंभों और दीवारों में देवी-देवता और देवांगनाओं की मूर्तियां उकेरी गई है।

मंदिर के समीप पौराणिक काल का सीताकूप देखने को मिलेगा। परिसर के चारों कोनों पर सूर्य, भगवती, गणेश और शिव के मंदिर बनेंगे। उत्तरी और दक्षिणी हिस्से में अन्नपूर्णा और हनुमान जी का मंदिर होगा। महर्षि वाल्मिकी, महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, अगस्य, निषाद राज, शबरी के मंदिर प्रस्तावित हैं।

Read Also: Ayodhya: अभेद हुई रामनगरी की सुरक्षा, ब्लैककैट कमांडो…बख्तरबंद गाड़ियां, AI कैमरों से चप्पे-चप्पे पर नजर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *