Bhupinder Singh Hooda: हरियाणा के पूर्व सीएम और कांग्रेस के कद्दावर नेता भूपेन्द्र सिंह हुड्डा के दिल्ली स्थित कार्यालय में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम पहुंची है। ईडी की टीम लैंड डील केस को लेकर पूछताछ कर रही है। इससे पहले किसानों की जमीन अवैध तरीके से बेचने के आरोप में हुड्डा के खिलाफ जांच एजेंसी सीबीआई एफआई दर्ज कर चुकी है।
सीबीआई ने साल 2004 से लेकर 2007 तक भूमि अधिग्रहण में कथित अनियमितता को लेकर एफआईआर दर्ज कर चुकी है। साल 2016 में हरियाणा पुलिस की एफआईआर के आधार पर (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज किया गया। आज मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत ईडी पूछताछ कर रही है।
विशेष अदालत में हो चुकी है हुड्डा की पेशी
जांच एजेंसी के मुताबिक, कई किसानों और जमीन मालिकों ने आरोप लगाया था हरियाणा में हुड्डा सरकार के दौरान उनके साथ भूमि अधिग्रहण मामले में 1500 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी हुई है। साल 2019 में इसको लेकर हुड्डा पंचकूला स्थित प्रवर्तन निदेशालय की विशेष अदालत में पेश हो चुके हैं।
हुड्डा की यह पेशी एजेएल प्लॉट आवंटन औऱ मानेसर जमीन घोटाले को लेकर हुई थी। इस मामले में पूर्व सीएम पर आरोप है कि उन्होंने इन जमीनों को औने-पौने दामों में बेचा है। जमीन आवंटन मामले में धोखाधड़ी हुई है। इन आरोपों के अलावा पूर्व सीएम हुड्डा पर अन्य आरोप भी लगे हैं।
सरकार बदलने के बाद शुरू हुई जांच
आरोप के मुताबिक, अगस्त 2014 में निजी बिल्डरों ने हरियाणा सरकार के अज्ञात जनसेवकों के साथ मिलीभगत कर गुड़गांव जिले में मानसेर, नौरंगपुर और लखनौला गांवों के किसानों और जमीन मालिकों को अधिग्रहण का डर दिखाकर उनकी करीब 400 एकड़ जमीन कम दामों पर खरीदी है।
कांग्रेस की तत्कालीन हुड्डा सरकार के कार्यकाल के दौरान करीब 900 एकड़ जमीन का अधिग्रहण कर उसे निजी बिल्डर्स को औने-पौने दाम पर बेचने का आरोप भी लग चुका है। इन आरोपों को चुनावों में विपक्षी पार्टी ने जमकर उठाया था। कांग्रेस सरकार बदलने के बाद इन मामलों को लेकर जांच शुरू हुई थी।